संवाददाता: मनोज कुमार
Katihar बिहार के कटिहार जिले की बलरामपुर पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फरसरा गाँव में छापेमारी कर भारी मात्रा में स्मैक के साथ एक पति-पत्नी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्कर दंपती के पास से 57 ग्राम स्मैक, नशे की बिक्री के 9 हजार रुपये नगद और दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस दबिश से इलाके के मादक पदार्थ तस्करों और नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है।
Katihar फरसरा गाँव के वार्ड-5 में चल रहा था नशे का खेल
थानाध्यक्ष विकास कुमार पासवान ने बताया कि 18 मई को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फरसरा गाँव के वार्ड संख्या-5 में अवैध मादक पदार्थों (स्मैक) की बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर चिन्हित स्थान पर छापेमारी की गई। पुलिस की गाड़ी को आते देख दो संदिग्ध लोग भागने लगे, जिन्हें मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया। अंचल अधिकारी (CO) की मौजूदगी में जब दोनों की नियमानुसार तलाशी ली गई, तो उनके पास से स्मैक और नगदी बरामद हुई।
Katihar पकड़े गए आरोपियों की पहचान और डिजिटल तराजू का चौंकाने वाला खेल
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान स्थानीय निवासी विक्रम कुमार शाह उर्फ विकास शाह और उसकी पत्नी बिंदु कुमारी (27 वर्ष) के रूप में हुई है। इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि ये आरोपी स्मैक बेचने के लिए बकायदा डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक तराजू का इस्तेमाल करते थे। अमूमन राशन या सोने-चांदी की दुकानों पर दिखने वाले इस संवेदनशील तराजू का उपयोग ये तस्कर “सफेद जहर” को रत्ती-रत्ती तौलने के लिए करते थे, ताकि किसी भी ग्राहक को एक ग्राम भी माल ज्यादा न जाए। बरामद किए गए 9 हजार रुपये भी स्मैक की चंद पुड़िया (डोज) बेचकर ही कमाए गए थे।
Katihar घर से ऑपरेट हो रहा था धंधा, मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों पति-पत्नी मिलकर काफी समय से अपने घर के भीतर से ही इस अवैध धंधे को बेखौफ होकर ऑपरेट कर रहे थे। बलरामपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर स्मैक के साथ गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि कटिहार के इस सुदूर ग्रामीण इलाके में स्मैक की इतनी बड़ी खेप कहाँ से सप्लाई हो रही थी और इस पूरे अंतरराज्यीय या स्थानीय सिंडिकेट का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।





