Report: Arvind Chouhan
Gwalior मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक शातिर ठग ने उद्यानिकी विभाग में पक्की नौकरी लगवाने के नाम पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पांच युवाओं से कुल 7 लाख 75 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित युवाओं ने ग्वालियर के गिरवाई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड खंगालने और प्राथमिक जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
Gwalior भोपाल आंदोलन के दौरान ‘राजू भवानी’ ने बुना था जाल
इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2022 से जुड़ी है। दरअसल, ‘उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग’ (भोपाल) द्वारा साल 2022 में माली प्रशिक्षण कार्यक्रम की एक विज्ञप्ति निकाली गई थी। युवाओं ने प्रशिक्षण तो पूरा कर लिया, लेकिन लंबे समय बाद भी जब उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिली, तो वे सरकार के खिलाफ भोपाल और ग्वालियर में आंदोलन कर ज्ञापन सौंप रहे थे।
इसी आंदोलन के दौरान ग्वालियर में पीड़ितों की मुलाकात राजू भवानी उर्फ राजकुमार अहिरवार (निवासी पटियावाला मोहल्ला, सिकंदर कंपू) से हुई। शातिर राजू ने रोष जता रहे बेरोजगार युवाओं को अपने झांसे में लिया और दावा किया कि उद्यानिकी विभाग के बड़े अफसरों से उसकी सीधी सेटिंग है और वह सबको परमानेंट सरकारी नौकरी दिलवा देगा।
Gwalior सेटिंग के नाम पर मांगे ₹2.75 लाख, झांसे में आकर युवाओं ने गंवाई जमापूंजी
युवाओं का विश्वास जीतने के बाद आरोपी राजू भवानी ने सरकारी नौकरी के बदले प्रति व्यक्ति 2 लाख 75 हजार रुपये के खर्च की मांग की। मार्च 2025 से पैसों का यह लेन-देन शुरू हुआ। युवाओं ने अपनी गाढ़ी कमाई और कर्ज लेकर आरोपी के बताए खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। लाखों रुपये ऐंठने के बाद आरोपी युवाओं को महीनों तक जॉइनिंग लेटर के नाम पर टरकाता रहा।
काफी समय बीत जाने के बाद जब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपी राजू भवानी ने सीधे तौर पर रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया और पीड़ितों को जान से मारने व गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देने लगा।
Gwalior पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड खंगालकर दर्ज की FIR, तलाश जारी
आरोपी की धमकियों से तंग आकर सभी पीड़ित युवा गिरवाई थाने पहुंचे और लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता और युवाओं के भविष्य को देखते हुए गिरवाई थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने सबसे पहले उन बैंक खातों के ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाले, जिनमें पैसे भेजे गए थे। बैंक रिकॉर्ड में ठगी की पुष्टि होते ही पुलिस ने आरोपी राजू भवानी उर्फ राजकुमार अहिरवार के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Gwalior ठगी के शिकार हुए युवाओं और राशि का विवरण
| पीड़ित युवा का नाम | ऐंठी गई कुल राशि | स्थिति / झांसा |
| 1. संजय कुमार | ₹3,00,000 | उद्यानिकी विभाग में माली की परमानेंट नौकरी |
| 2. वर्षा वर्मन | ₹2,75,000 | उद्यानिकी विभाग में माली की परमानेंट नौकरी |
| 3. रविंद्र कुमार रजक | ₹1,00,000 | उद्यानिकी विभाग में माली की परमानेंट नौकरी |
| 4. अर्जुन सिंह गौड़ | ₹1,00,000 | उद्यानिकी विभाग में माली की परमानेंट नौकरी |
| 5. हरिनारायण भट्ट | ₹66,500 | उद्यानिकी विभाग में माली की परमानेंट नौकरी |
| कुल ठगी की रकम | ₹7,75,000 | आरोपी राजू भवानी द्वारा की गई कुल धोखाधड़ी |





