भारत-पाक के बीच तनाव के बीच मानवीय पहल, शव वापस लाने के लिए खुला कामन पुल

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jhelum river

सुरक्षा बलों और पाकिस्तान प्रशासन की मदद से शवों को सौंपा गया

जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के दो युवक-युवती के शव, जो झेलम नदी में कूदने के बाद लापता हो गए थे, पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) से वापस लाए गए हैं। यह शव 22 वर्षीय यासिर हुसैन शाह और 19 वर्षीय आसिया बानो के हैं, जो उरी तहसील के रहने वाले थे। दोनों ने 5 मार्च को झेलम नदी में कूदकर अपनी जान गंवाई थी।

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क्या हुआ था?

  • 5 मार्च को यासिर और आसिया ने झेलम नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।
  • भारतीय सुरक्षा बलों और डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम ने शवों को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मिले।
  • 20 मार्च को यासिर का शव कामन पोस्ट के पास नदी में तैरता हुआ देखा गया, लेकिन तेज बहाव के कारण उसे बाहर नहीं निकाला जा सका।
  • शव पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) की तरफ बह गया।
  • आसिया का शव 19 मार्च को PoK में मिला था।

शवों की वापसी
भारतीय सेना ने PoK प्रशासन से संपर्क किया और शवों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की। 22 मार्च को कामन पोस्ट पर दोनों देशों के अधिकारियों की मौजूदगी में शवों को भारतीय प्रशासन को सौंपा गया। इस दौरान उरी प्रशासन, पुलिस, सेना और शवों के परिजन भी मौजूद थे।

कामन पोस्ट का महत्व
कामन पोस्ट उरी सेक्टर में स्थित है और यह भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार और यात्रा के लिए बनाया गया था। हालांकि, 2019 में पुलवामा हमले के बाद इस पोस्ट को बंद कर दिया गया था। यह पहली बार है जब इसे शवों को वापस लाने के लिए खोला गया।

क्या कहते हैं अधिकारी?

  • एक अधिकारी ने बताया, “यह एक मानवीय प्रयास था, जिसमें दोनों देशों ने सहयोग किया। शवों की वापसी से परिजनों को राहत मिली है।”
  • एनसी विधायक सज्जाद शफी ने कहा, “यह एक दुखद घटना थी, लेकिन शवों की वापसी से परिवार को मानसिक शांति मिली है।”

झेलम नदी का इतिहास
झेलम नदी जम्मू-कश्मीर से होकर बहती है और पाकिस्तान में चिनाब नदी से मिलती है। यह नदी LOC (लाइन ऑफ कंट्रोल) के पास से गुजरती है, जिसके कारण कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं।

निष्कर्ष
यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच मानवीय सहयोग का एक उदाहरण है। हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है, लेकिन ऐसे मौकों पर दोनों पक्षों ने मानवीयता को प्राथमिकता दी है।

मुख्य बिंदु:

  • यासिर और आसिया ने 5 मार्च को झेलम नदी में कूदकर आत्महत्या की।
  • शव पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK) में मिले।
  • कामन पोस्ट को 6 साल बाद खोला गया।
  • शवों की वापसी में भारतीय सेना और PoK प्रशासन ने सहयोग किया।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि मानवीय संवेदनाएं सीमाओं से ऊपर होती हैं।

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