Patna बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने आज राजगीर स्थित ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय के नव-निर्मित भव्य परिसर का विस्तृत दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे और पर्यावरण के अनुकूल इसके ‘नेट जीरो’ (Net Zero) मॉडल की बारीकियों को समझा।

Patna प्राचीन विरासत और आधुनिक वास्तुकला का संगम
विश्वविद्यालय परिसर पहुँचने पर मुख्य सचिव का स्वागत वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने किया। भ्रमण के दौरान श्री अमृत ने निम्नलिखित प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया:

- सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम: अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अंतरराष्ट्रीय सभा स्थल।
- अत्याधुनिक पुस्तकालय: ज्ञान का विशाल भंडार जहाँ प्राचीन और डिजिटल संसाधनों का मेल है।
- योग और शैक्षणिक ब्लॉक: आधुनिक तकनीक से निर्मित कक्षाओं और योग परिसर की सराहना की।
मुख्य सचिव ने प्राचीन नालंदा की गौरवशाली वास्तुकला को आधुनिक नवाचार के साथ जिस तरह संजोया गया है, उसे देखकर प्रसन्नता व्यक्त की।
Patna पर्यावरण संरक्षण: ‘नेट जीरो’ कार्बन फुटप्रिंट मॉडल
भ्रमण का एक मुख्य आकर्षण विश्वविद्यालय का पर्यावरण अनुकूल मॉडल रहा। श्री अमृत ने संस्थान की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली प्रणालियों में विशेष रुचि दिखाई:

- 6.5 मेगावाट सौर फार्म: जो विश्वविद्यालय की ऊर्जा जरूरतों को अक्षय ऊर्जा से पूरा करता है।
- बायोगैस संयंत्र और जल संचयन: जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन की प्रभावी प्रणालियाँ।
उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का यह मॉडल बिहार के अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनना चाहिए।
Patna सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य का विजन
संकाय सदस्यों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि वैश्विक ज्ञान का केंद्र है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विश्वविद्यालय दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य देशों के साथ भारत के शैक्षणिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
श्री प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विश्वविद्यालय के विकास और इसे पुराने गौरवशाली अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में पुनर्स्थापित करने के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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