Wildlife Conservation Model : ‘कूनो नेशनल पार्क’ भ्रमण पर CM डॉ मोहन यादव ,वन क्षेत्र में छोड़े जाएंगे बोत्सवाना की दो मादा चीते
Wildlife Conservation Model : मध्यप्रदेश अब केवल टाइगर स्टेट नहीं, बल्कि देश के बड़े वन्यजीव संरक्षण मॉडल के रूप में उभर रहा है। टाइगर, चीता और गिद्ध संरक्षण में देशभर में अलग पहचान बना रहा मध्यप्रदेश, अब वाइल्ड लाइफ लीडर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने बीते डेढ़ वर्षों में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य न सिर्फ वन्यजीवों के सुरक्षित आशियाने बन रहे हैं, बल्कि वन पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर रहे हैं।कूनो में चीतों की वापसी, पन्ना में टाइगर पुनर्वास की सफलता और कान्हा-बांधवगढ़ जैसे जंगलों की जैव विविधता ने मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है। राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ इको-टूरिज्म और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी बढ़ावा दे रही है।

Wildlife Conservation Model : इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज से दो दिवसीय दौरे पर श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के भ्रमण पर हैं। इस दौरान वे बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को उनके बाड़े से वन क्षेत्र में छोड़ेंगे। इस तरह प्रदेश ने एक बार फिर साबित किया कि, अगर राजनीतिक इच्छा शक्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संरक्षण के प्रति संवेदनशील नेतृत्व एक साथ हो तो वन्यजीव संरक्षण सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य आज वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश देशभर के लिए एक मॉडल बनने जा रहा है।‘टाइगर स्टेट’ के बाद अब ‘वाइल्ड लाइफ लीडर’ बनने की ओर बढ़ते मध्यप्रदेश की यह पहल पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास दोनों के लिए अहम मानी जा रही है।
Wildlife Conservation Model : देश में ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में पहचान बना चुका मध्यप्रदेश अब वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रहा है। राज्य में बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल, गिद्ध और दुर्लभ वन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए लगातार काम किये जा रहे हैं। जंगलों के संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग और जनभागीदारी के जरिए वन्यजीवों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, पेंच राष्ट्रीय उद्यान और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसे संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीवों की मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन, कैमरा ट्रैप और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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