BY
Yoganand Shrivastava
Maharashtra के धाराशिव जिले से किसानों की बदहाली और निराशा की एक झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ के भूम तालुका स्थित टिंटराज गांव में एक किसान ने बाजार में मिल रहे बेहद कम दामों से तंग आकर अपनी मेहनत की फसल को खुद ही आग के हवाले कर दिया। प्याज उत्पादक किसान भगवान साबले ने करीब 600 बोरियों में भरे प्याज को जलाकर अपना विरोध और दर्द दर्ज कराया है।
Maharashtra लाखों की लागत और कौड़ियों में दाम
किसान भगवान साबले ने बताया कि उन्होंने अपनी 4 एकड़ जमीन पर प्याज की खेती की थी, जिसमें से वर्तमान में ढाई एकड़ की फसल पूरी तरह तैयार हो चुकी थी। इस फसल को उगाने, खाद, पानी और देखरेख में उन्होंने करीब 3 से 4 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन जब फसल बाजार पहुँची, तो व्यापारियों ने मात्र 1 रुपये प्रति किलो का भाव लगाया। किसान का कहना है कि इतने कम दाम में फसल बेचना उसकी लागत के साथ भद्दा मजाक है।
Maharashtra मजदूरी निकालना भी हुआ नामुमकिन
पीड़ित किसान के अनुसार, एक पूरी गाड़ी प्याज बेचने पर उन्हें सिर्फ 4 हजार रुपये का भुगतान मिल रहा था। यह राशि इतनी कम थी कि इससे फसल की कटाई करने वाले मजदूरों का मेहनताना भी नहीं निकल पा रहा था। इसके अलावा, बदलते मौसम और बेमौसम बारिश के डर से फसल को बार-बार ढंकने और बचाने की मेहनत अलग से बढ़ गई थी। हताशा और बेबसी के इस दौर में किसान ने अपनी आँखों के सामने अपनी ही मेहनत को जलता देखना ही बेहतर समझा।
Maharashtra 40 रुपये किलो के भाव और मुआवजे की मांग
भगवान साबले ने अपनी व्यथा सुनाते हुए सरकार और प्रशासन से दखल देने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि किसानों को उनके प्याज का कम से कम 40 रुपये प्रति किलो का उचित मूल्य मिलना चाहिए ताकि वे कर्ज के जाल से बच सकें। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी जली हुई फसल का आधिकारिक पंचनामा किया जाए और उन्हें 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सरकारी अनुदान (मुआवजा) दिया जाए ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
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