प्रेस वार्ता में दी चेतावनी – मूर्ति नहीं लगी तो होगा जन आंदोलन
पेंड्रा में छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की मूर्ति हटाए जाने को लेकर राज्य में सियासी उबाल है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इस मुद्दे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने राजधानी रायपुर में प्रेस वार्ता आयोजित कर शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और चेतावनी दी कि यदि जल्द मूर्ति को सम्मानपूर्वक स्थापित नहीं किया गया तो जन आंदोलन होगा।
JCCJ के संगठन महामंत्री सौरभ झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“यह केवल एक प्रतिमा चोरी का मामला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की भावनाओं के साथ गहरा अपमान है। स्वर्गीय अजीत जोगी ने राज्य की आधारशिला रखी थी, उनके साथ ऐसा व्यवहार करना निंदनीय है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन शासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।”
सौरभ झा ने यह भी बताया कि मूर्ति तो प्रशासन द्वारा खोज ली गई है, लेकिन अब तक उसकी पुनः स्थापना नहीं की गई है।
“शासन का आदेश आया है कि मूर्ति को दोबारा स्थापित न किया जाए, यह निर्णय छत्तीसगढ़ की आत्मा के खिलाफ है। मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बातचीत हुई है और उन्होंने संज्ञान लेने की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं बदला,” उन्होंने कहा।
पार्टी प्रवक्ता भगवानू नायक ने भी प्रेस वार्ता में अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा,
“जोगी जी की मूर्ति को सम्मान तो छोड़िए, उसे तोड़ा और फेंका जा रहा है। लेकिन जोगी जी को दिलों से नहीं हटाया जा सकता। वे एक विचारधारा हैं, जो अमर है। यह मामला अब आग की तरह फैल रहा है, और हम मांग करते हैं कि मूर्ति को तत्काल सम्मान के साथ पुनः स्थापित किया जाए।”
JCCJ ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में शासन-प्रशासन की संलिप्तता है।
“जिसने भी इस कृत्य को अंजाम दिया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि जल्द मूर्ति की पुनः स्थापना नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।”
यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, भावनात्मक भी बन चुका है, और राज्यभर में इसका प्रभाव तेजी से फैल रहा है।





