रिपोर्टर – भोज सिंह
खुले में पड़ा धान मवेशियों का निवाला बना
जशपुर जिले के फरसाबहार धान खरीदी केंद्र से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक अनदेखी के कारण किसानों का बहुमूल्य धान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। केंद्र पर न तो कोई चौकीदार मौजूद है और न ही प्रबंधक, जिससे पूरा परिसर अव्यवस्था का शिकार हो गया है।
मौके पर लिए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खुले में पड़ा धान गाय-बैलों का निवाला बन रहा है। यह न केवल किसानों की मेहनत का अपमान है, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इतना ही नहीं, मानसून सिर पर है और धान का अब तक उठाव नहीं हो पाना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि धान खरीदी केंद्र में जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति और अनदेखी से यह स्थिति बनी है। प्रबंधक और चौकीदार की गैरमौजूदगी ने इस बात को और भी स्पष्ट कर दिया है कि इस केंद्र पर निगरानी का अभाव है।
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कदम उठाता है। फरसाबहार मंडी प्रबंधक की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं और किसानों की मांग है कि इस मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
धान जैसे संवेदनशील और किसानों की आजीविका से जुड़े मसले में इस तरह की अनदेखी प्रशासनिक सुस्ती और जवाबदेही की कमी को दर्शाती है। अब जिले का प्रशासन क्या निर्णय लेता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।





