Jal Ganga Kalash Yatra: मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा गंगा दशहरा (25 मई 2026) के अवसर पर प्रदेश के लगभग 10 हजार ग्रामों में “जल गंगा कलश यात्राएँ” आयोजित की जाएंगी। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व को पुनर्जीवित करना है।
Jal Ganga Kalash Yatra: राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में बनी योजना की रूपरेखा

भोपाल के वैशाली नगर स्थित राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय “सी.एम. सोशल इंटर्न प्रशिक्षण कार्यशाला” के समापन सत्र में इस योजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। यह कार्यशाला मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित की गई थी।
Jal Ganga Kalash Yatra: युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर

कार्यक्रम में परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें समाज के उत्थान के लिए तैयार करना है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
Jal Ganga Kalash Yatra: जल संरचनाओं की सफाई और पूजन के बाद निकलेगी यात्रा
श्री नागर ने बताया कि गंगा दशहरा से पहले गांवों की प्राचीन जल संरचनाओं जैसे बावड़ी, कुएं, तालाब और सरोवर की साफ-सफाई की जाएगी और उनका पूजन किया जाएगा। इसके बाद इन जल स्रोतों से कलश यात्राएं निकाली जाएंगी, जो जल संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक होंगी।
Jal Ganga Kalash Yatra: ग्रामीणों और नवांकुर सखियों की होगी भागीदारी
इस अभियान में परिषद के नवांकुर सखी नेटवर्क के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के माध्यम से जल गंगा संवर्धन अभियान को जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
Jal Ganga Kalash Yatra: जल संरक्षण को मिलेगा जनआंदोलन का स्वरूप
इस पहल के जरिए प्रदेश में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन को बढ़ावा मिलेगा। परिषद का लक्ष्य है कि यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाए, बल्कि लोगों को स्थायी जल प्रबंधन के लिए प्रेरित भी करे।
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