Report: Devendra jaiswal
Indore इंदौर के मशहूर ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस की जांच के बाद न्यायालय ने अपना रुख साफ कर दिया है। इस केस में सबूत मिटाने और आरोपियों की मदद करने के संदेह में गिरफ्तार किए गए बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र तोमर और चौकीदार बलवीर को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है। विस्तृत जांच के बाद यह पाया गया कि हत्या की इस साजिश या वारदात से इन दोनों का कोई सीधा संबंध नहीं था।
किराए की बिल्डिंग और लोकेंद्र तोमर की भूमिका
Indore जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोनम जिस फ्लैट पर रुकी थी, उस बिल्डिंग के मालिक लोकेंद्र तोमर थे। हालांकि, लोकेंद्र ने वह बिल्डिंग शिलोम जेम्स नामक व्यक्ति को किराए पर दी थी। पुलिस ने शुरुआत में लोकेंद्र को इस आधार पर घेरा था कि उनकी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल अपराधियों ने छिपने के लिए किया, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के दौरान यह साबित हुआ कि मालिक के तौर पर उन्हें किराएदार की आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

चौकीदार पर सबूत मिटाने के आरोप खारिज
Indore बिल्डिंग के चौकीदार बलवीर को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था। पुलिस का आरोप था कि उसने अपराधियों की मदद की और साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया। न्यायालय में पेश की गई चार्जशीट और गवाहों के बयानों के आधार पर यह पाया गया कि बलवीर का इस हत्याकांड में कोई सक्रिय योगदान नहीं था। दोनों ही व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया गया है।
कोर्ट में चार्जशीट पेश और आगामी कार्रवाई
Indore इंदौर पुलिस ने इस हत्याकांड से जुड़ी विस्तृत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। अब पूरा ध्यान मुख्य आरोपियों और हत्या की असली वजहों पर केंद्रित है। इस फैसले से उन लोगों को राहत मिली है जो केवल तकनीकी या संपत्ति से जुड़े संबंधों के कारण जांच के दायरे में आ गए थे। पुलिस अब शिलोम जेम्स और मुख्य आरोपी सोनम के बीच के कड़ियों को जोड़कर केस को अंतिम अंजाम तक पहुँचाने में जुटी है।
Read this: Drug Seizure: महिषी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 9 किलो 85 ग्राम गांजा के साथ चार तस्कर गिरफ्तार





