BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली। दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस को सेवा में कमी का दोषी पाते हुए एक महिला यात्री को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा और 25 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है। मामला एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान यात्री को अस्वच्छ और दागदार सीट उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
घटना का विवरण
शिकायतकर्ता पिंकी ने आयोग में दायर याचिका में कहा कि 2 जनवरी 2025 को बाकू से दिल्ली लौटते समय उन्हें ऐसी सीट दी गई, जो गंदी और धब्बेदार थी। उनका आरोप था कि इस संबंध में की गई शिकायत को एयरलाइन ने गंभीरता से नहीं लिया और उदासीन रवैया अपनाया।
एयरलाइन की सफाई
इंडिगो ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिकायत मिलने के बाद महिला को दूसरी सीट दी गई, जिस पर उन्होंने यात्रा पूरी की। लेकिन आयोग ने तथ्यों की समीक्षा के बाद माना कि यह मामला स्पष्ट रूप से सेवा में कमी का है।
आयोग का निर्णय
9 जुलाई 2025 को सुनाए गए फैसले में आयोग ने कहा कि यात्री को इस घटना से मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके लिए उचित मुआवजा बनता है। आदेश में एयरलाइन को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा और 25 हजार रुपये मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया गया।





