France में भीषण गर्मी का कहर, 5,700 से अधिक मौत; पेरिस सबसे ज्यादा प्रभावित

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France में पिछले महीने पड़ी ऐतिहासिक गर्मी ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है। देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी पब्लिक हेल्थ फ्रांस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में आई भीषण हीटवेव के दौरान सामान्य परिस्थितियों की तुलना में कम से कम 5,700 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई। एजेंसी ने पहले जारी किए गए प्रारंभिक अनुमानों को संशोधित करते हुए बताया कि वास्तविक प्रभाव पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर रहा है।

स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक, यह साल 2003 के बाद फ्रांस में किसी भी हीटवेव के दौरान दर्ज किया गया सबसे बड़ा मृत्यु आंकड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक तापमान, लगातार गर्म रातें और लंबे समय तक बनी रही गर्मी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव डाला।

France: 17 जून से 2 जुलाई के बीच दर्ज हुईं 21 हजार से अधिक मौतें

पब्लिक हेल्थ फ्रांस की रिपोर्ट के अनुसार, 17 जून से 2 जुलाई के बीच हीटवेव से प्रभावित क्षेत्रों में सभी कारणों से 21,674 लोगों की मौत दर्ज की गई। वहीं, पिछले वर्षों के आंकड़ों और सांख्यिकीय मॉडल के आधार पर अनुमान लगाया गया कि यदि इतनी तीव्र गर्मी नहीं पड़ती तो इसी अवधि में लगभग 15,910 मौतें होतीं।

इस प्रकार, गर्मी की लहर के दौरान लगभग 5,700 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं, जो सामान्य अनुमान से करीब 36 प्रतिशत अधिक हैं। एजेंसी का मानना है कि यह वृद्धि सीधे तौर पर असामान्य तापमान और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित रही।

France: 2003 के बाद सबसे घातक हीटवेव बनी

फ्रांस में वर्ष 2003 की भीषण गर्मी को अब तक सबसे विनाशकारी माना जाता था, जब करीब 15 हजार लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस बार कुल मृत्यु संख्या उससे कम है, लेकिन अतिरिक्त मौतों का अनुपात 2003 के बाद सबसे अधिक दर्ज किया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती जलवायु संबंधी चरम घटनाएं भविष्य में इस तरह के संकटों को और गंभीर बना सकती हैं।

France: 24 और 25 जून रहे सबसे गर्म दिन

रिपोर्ट के अनुसार, 24 और 25 जून इस वर्ष फ्रांस के सबसे गर्म दिन रहे। इन दिनों राष्ट्रीय औसत तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह रही कि रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहा। इससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी और शरीर पर गर्मी का असर लगातार बढ़ता गया।

France: तीन दिनों में हुईं आधे से ज्यादा अतिरिक्त मौतें

स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अतिरिक्त मौतों में से आधे से अधिक मामले 25 जून से 27 जून के बीच केवल तीन दिनों में सामने आए। यही वह समय था जब देश में गर्मी अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी।

एजेंसी ने कहा कि यह हीटवेव समय से पहले शुरू हुई, अत्यधिक तीव्र रही और लंबे समय तक बनी रही। इसका असर लगभग पूरे देश की आबादी पर पड़ा, जबकि उस समय स्कूल, कार्यालय और अन्य गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही थीं।

France: पूरे यूरोप में भी देखने को मिला गर्मी का असर

फ्रांस ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप में इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले दस्तक दी और कई देशों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया गया।

महाद्वीप के विभिन्न हिस्सों से प्राप्त शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, हीटवेव के चरम के दौरान सामान्य से 10 हजार से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज होने का अनुमान है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन से जुड़ी गंभीर चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।

France: पेरिस में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए लोग

पब्लिक हेल्थ फ्रांस के अनुसार, पेरिस और उसके आसपास का क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा। यहां 1,999 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं, जो सामान्य परिस्थितियों में अनुमानित मृत्यु संख्या से लगभग 80 प्रतिशत अधिक हैं।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अंतिम संस्कार से जुड़ी सेवाओं पर भी भारी दबाव पड़ा। कई स्थानों पर शवों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची और कुछ मुर्दाघरों को क्षमता पूरी होने के कारण शव वापस लौटाने पड़े।

France: अस्पतालों पर बढ़ा मरीजों का दबाव

एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 21,600 से अधिक मृतकों में लगभग आधे लोगों की मौत अस्पतालों में हुई, जहां गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई थी।

करीब एक-तिहाई लोगों की मौत घरों में हुई, जबकि शेष मौतें मुख्य रूप से बुजुर्गों के देखभाल केंद्रों और केयर होम में दर्ज की गईं। इससे स्पष्ट होता है कि बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस हीटवेव से सबसे अधिक प्रभावित हुए।

France: अंतिम रिपोर्ट में आंकड़ों में हो सकता है बदलाव

पब्लिक हेल्थ फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़े फिलहाल प्रारंभिक विश्लेषण पर आधारित हैं और वर्ष के अंत तक अधिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने के बाद इन्हें अपडेट किया जा सकता है।

इससे पहले एजेंसी ने केवल 22 जून से 28 जून के बीच लगभग 2,000 अतिरिक्त मौतों का अनुमान जारी किया था। अब विस्तृत विश्लेषण के बाद सामने आए नए आंकड़ों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष की हीटवेव का प्रभाव शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक व्यापक और गंभीर रहा।

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