‘गूगल’ ने बचाई मादा कुत्ते की जान
जिले के पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां पहली बार एक कुत्ते को रक्त चढ़ाकर उसकी जान बचाई गई। इस अद्वितीय प्रयास में एक कुत्ते ने दूसरे कुत्ते की जान बचाने के लिए रक्तदान कर मानवीयता की मिसाल पेश की।

यह मामला मेडिकल संचालक सोनू रघुवंशी की मादा कुत्ते से जुड़ा है, जिसकी हालत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गंभीर हो गई थी। गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु हो चुकी थी और मादा कुत्ते का ऑपरेशन आवश्यक था। परंतु कुत्ते में रक्त की भारी कमी होने के कारण ऑपरेशन करना संभव नहीं था।
पशु चिकित्सक डॉ. शिवेंद्र अग्रवाल और डॉ. तृप्ति लोधी ने तत्काल तीन यूनिट रक्त की आवश्यकता जताई। इसके बाद सोनू रघुवंशी ने समाजसेवी प्रियेश शर्मा से संपर्क किया, जिन्होंने इस नेक कार्य के लिए ब्लड हेल्प ग्रुप के सदस्य और थाना कोतवाली में तैनात आरक्षक हरेंद्र रघुवंशी और कृष्णा रघुवंशी से संपर्क साधा।
इन दोनों ने अपने पालतू कुत्ते ‘गूगल’ को रक्तदान के लिए अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा रक्त जांच के बाद ‘गूगल’ का रक्त मादा कुत्ते को चढ़ाया गया और सफल ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया पूरी की गई।

यह जिले का पहला मामला है जब किसी पशु को रक्त चढ़ाया गया हो। इस सफल प्रयास की हर ओर सराहना हो रही है। मौके पर उपस्थित समाजसेवी प्रियेश शर्मा ने कहा,
“जब एक कुत्ता दूसरे कुत्ते की जान बचाने के लिए रक्तदान कर सकता है, तो इंसानों को भी जरूरतमंदों के लिए आगे आना चाहिए।”
इस घटना ने न केवल पशु चिकित्सा के क्षेत्र में नई शुरुआत की है, बल्कि समाज को भी रक्तदान जैसे पुण्य कार्य के प्रति प्रेरित किया है।