BY
Yoganand Shrivastava
Delhi फिल्मों में अक्सर दो राज्यों की पुलिस को टकराते हुए दिखाया जाता है, लेकिन शिमला के सोलन हाईवे पर कल रात यह हकीकत में तब्दील हो गया। ‘AI समिट’ में हंगामा करने वाले यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करने पहुँची दिल्ली पुलिस की टीम को हिमाचल पुलिस ने न केवल रोका, बल्कि जवानों को हिरासत में लेने की कोशिश भी की। इस पूरे टकराव के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से मोर्चा संभाले रखा राहुल विक्रम ने, जिनकी निडरता की चर्चा अब हर जगह हो रही है।

यूपी के लाल और दिल्ली पुलिस के ‘टेरर हंटर’
Delhi राहुल विक्रम कोई साधारण पुलिस अधिकारी नहीं हैं, बल्कि दिल्ली पुलिस की सबसे प्रतिष्ठित यूनिट ‘स्पेशल सेल’ के स्तंभ माने जाते हैं।
- प्रोफ़ाइल: राहुल विक्रम 2018 बैच के दानिप्स (DANIPS) अधिकारी हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले हैं।
- आतंकवाद पर प्रहार: स्पेशल सेल की काउंटर टेररिज्म यूनिट में तैनात राहुल ने झारखंड के ‘अल कायदा मॉड्यूल’ समेत कई खतरनाक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
- गैंगस्टर नेटवर्क का खात्मा: उन्होंने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड सचिन थापन को विदेश से प्रत्यर्पित कराने और थाईलैंड से गैंगस्टर काला राणा को भारत लाने में मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा, 7 लाख के इनामी काला जठेड़ी और लेडी डॉन अनुराधा की गिरफ्तारी में भी वे शामिल रहे।
Delhi आधी रात का ड्रामा: जब हिमाचल पुलिस ने लगाया अड़ंगा
Delhi मामला तब बिगड़ा जब दिल्ली पुलिस की टीम कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शिमला के रोहड़ू से गिरफ्तार कर दिल्ली ला रही थी।
- हाईवे पर घेराबंदी: सोलन के पास हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को रोक दिया और उन पर ‘गैर-कानूनी गिरफ्तारी’ का आरोप लगाया।
- गुमराह करने की कोशिश: सूत्रों के अनुसार, हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को गुमराह किया कि जज कोर्ट में मौजूद हैं, जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं था।
- राहुल विक्रम की अडिगता: भारी विरोध और तनाव के बावजूद एसीपी राहुल विक्रम पीछे नहीं हटे। उन्होंने कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए रात के 1:30 बजे जज के सामने आरोपियों को पेश करवाया।
कोर्ट की फटकार और ट्रांजिट रिमांड
Delhi जब मामला देर रात अदालत पहुँचा, तो स्थिति और भी गंभीर हो गई। हिमाचल पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस की टीम को अंदर न जाने देने और जज की उपस्थिति को लेकर गुमराह करने पर जज ने हिमाचल पुलिस को कड़ी फटकार लगाई।
- परिणाम: रात 2 बजे कोर्ट ने तीनों आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड दिल्ली पुलिस को सौंप दी।
- ताजा अपडेट: दिल्ली पुलिस अब तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली पहुँच चुकी है। अंबाला में उनका मेडिकल कराया गया है और आज दोपहर 3 बजे उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा।





