BY
Yoganand Shrivastava
Dehradun : उत्तराखंड की प्रसिद्ध ‘चार धाम यात्रा’ पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब तक निःशुल्क रहने वाला पंजीकरण अब सशुल्क (Paid) होगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने और फीस का ढांचा तैयार करने के लिए प्रशासन ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है।
फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम लगाने के लिए फीस का प्रावधान
Dehradun गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे के अनुसार, यात्रा के दौरान होने वाले फर्जी रजिस्ट्रेशन और भीड़ के बेतहाशा दबाव को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। एडिशनल कमिश्नर (गढ़वाल डिवीजन) की अध्यक्षता में बनी कमेटी इस बात पर विचार कर रही है कि प्रति श्रद्धालु कम से कम 10 रुपये की प्रारंभिक फीस ली जाए। कमेटी की अंतिम रिपोर्ट और शासन की मुहर लगने के बाद आधिकारिक फीस की घोषणा की जाएगी।
धार्मिक महत्ता और यात्रा का सही क्रम
Dehradun देवभूमि उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का आध्यात्मिक महत्व अतुलनीय है। मान्यताओं के अनुसार, यह यात्रा हमेशा घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में पूरी करनी चाहिए। इसकी शुरुआत यमुना के उद्गम स्थल यमुनोत्री से होती है, जिसके बाद श्रद्धालु गंगोत्री (मां गंगा), फिर केदारनाथ (भगवान शिव) और अंत में बद्रीनाथ (भगवान विष्णु) के दर्शन करते हैं। भक्त अपनी सुविधा के अनुसार सड़क मार्ग या हेलीकॉप्टर सेवा का विकल्प चुन सकते हैं।
यात्रा का समय और भौगोलिक चुनौतियां
Dehradun हिमालय की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण ये चारों पवित्र धाम साल में लगभग छह महीने ही भक्तों के लिए खुलते हैं। आमतौर पर कपाट गर्मियों (अप्रैल या मई) में खुलते हैं और सर्दियों की दस्तक (अक्टूबर या नवंबर) के साथ बंद कर दिए जाते हैं। यह यात्रा जितनी दिव्य और आत्मिक शांति देने वाली है, भौगोलिक दृष्टि से उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है। सरकार का नया फैसला यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
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