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CM Yogi EOW Review : सीएम योगी का सख्त रुख: ईओडब्ल्यू की समीक्षा में दिए निर्देश—आर्थिक अपराधियों पर कसें नकेल, 3 महीने में पूरी हो जांच

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Report: Vandna Rawat

CM Yogi EOW Review उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में निर्देश दिए हैं कि वित्तीय धोखाधड़ी, गबन और जालसाजी जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित मामलों के जल्द निपटारे, अपराधियों की धरपकड़ और कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने (दोषसिद्धि) पर विशेष जोर दिया है। सीएम ने कहा कि ईओडब्ल्यू को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर और मजबूत बनाया जाएगा।

CM Yogi EOW Review जांच अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही, 3 महीने की समय-सीमा निर्धारित

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी जांच अधिकारी किसी भी मामले को 3 महीने से अधिक समय तक अपने पास लंबित नहीं रख सकता। यदि ऐसा होता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। ईओडब्ल्यू की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा ‘केस मैनेजमेंट सिस्टम’ (CMS) विकसित किया गया है, जिससे मामलों का डिजिटल प्रबंधन, रियल टाइम मॉनिटरिंग और ऑनलाइन रिपोर्टिंग आसानी से की जा सकेगी।

CM Yogi EOW Review साल 2026 में अब तक 71 आरोपी गिरफ्तार, पुराने मामलों में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अब तक की प्रगति की रिपोर्ट सौंपी। विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में 31 मई तक त्वरित कार्रवाई करते हुए 155 मामलों (जांच और विवेचनाओं) का निस्तारण किया जा चुका है। इसी समयावधि के भीतर आर्थिक अपराधों में संलिप्त 71 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जो अपराधी अभी भी फरार या वांछित हैं, उनके खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।

CM Yogi EOW Review पोंजी स्कीम और साइबर फ्रॉड के खिलाफ बढ़ेगी जनजागरूकता

बदलते तकनीकी दौर में बढ़ रहे वित्तीय अपराधों पर चिंता जताते हुए सीएम योगी ने आम जनता को जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग, चिट-फंड घोटालों और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों से निपटने के लिए अधिकारियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही, ईओडब्ल्यू द्वारा चलाए जा रहे “जागरूकता, जानकारी, बचाव” अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि मासूम नागरिक निवेश संबंधी ठगी और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।

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