Jharkhand झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज असम की राजधानी गुवाहाटी पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर के दर्शन किए। नील पर्वत पर स्थित इस पावन शक्तिपीठ में मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और माता रानी के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य झारखंड की जनता की सुख-शांति और राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए प्रार्थना करना रहा।

Jharkhand वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई विशेष पूजा
मंदिर परिसर पहुँचने पर पुजारियों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मंदिर के गर्भगृह में आयोजित इस विशेष पूजा के दौरान:

- विधि-विधान: वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न कराई गई।
- संकल्प: मुख्यमंत्री ने झारखंड के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और प्रत्येक नागरिक की उन्नति का संकल्प लिया। माता रानी की भक्ति में लीन मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की।
Jharkhand “मां की कृपा से प्रगति पथ पर बढ़ेगा झारखंड”
दर्शन के पश्चात मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक नजर आए। उन्होंने इस यात्रा को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा:

“यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे एक बार फिर माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाने का अवसर मिला है। माँ कामाख्या की असीम अनुकंपा झारखंड पर सदैव बनी रहे। मेरा विश्वास है कि मां के आशीर्वाद से हमारा राज्य निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।”
Jharkhand राज्य की शांति और समृद्धि की कामना
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है। कामाख्या देवी से उन्होंने प्रार्थना की कि झारखंड में सुख, समृद्धि और आपसी भाईचारा बना रहे। पूजा के दौरान मंदिर प्रशासन और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे। मुख्यमंत्री के इस धार्मिक प्रवास को झारखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
Read this: Gold Silver Price fall: सोना ₹2 हजार और चांदी ₹3 हजार सस्ती, जानें आज के रेट





