रिपोर्ट- प्रवींस मनहर, एडिट- विजय नंदन
रायपुर/जगदलपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। उत्तरी बस्तर के अबुझमाड़ इलाके में 210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। जिनमें 110 महिलाएं और 98 पुरुष शामिल हैं। इन सभी ने कुल 153 हथियार पुलिस के हवाले किए, जिससे यह सरेंडर अभियान राज्य में लाल आतंक के खात्मे की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बन गया है।
लाल आतंक से मुक्ति की ओर बस्तर
अधिकारियों के मुताबिक, अबुझमाड़ का अधिकांश इलाका अब नक्सल प्रभाव से मुक्त हो गया है। दशकों से हिंसा और भय का प्रतीक रहे उत्तरी बस्तर में अब शांति लौटती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि अब नक्सल गतिविधियां मुख्य रूप से दक्षिणी बस्तर तक सिमट गई हैं।

सरकार की रणनीति और मिशन 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य है। इस दिशा में एक साथ इतने नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस मिशन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
#WATCH | Jagdalpur, Chhattisgarh | Over 200 Naxalites surrender before security forces, expressing confidence in the Constitution of India, they are joining the mainstream of society today pic.twitter.com/FT3W3OnExM
— ANI (@ANI) October 17, 2025
माओवादी संगठन के कई बड़े चेहरे हुए सरेंडर
- एक केंद्रीय समिति सदस्य (CCM)
- चार दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (DKSZC) सदस्य
- एक क्षेत्रीय समिति सदस्य
- 21 संभागीय समिति सदस्य (DVCM)
- 61 एरिया कमेटी सदस्य (ACM)
- 98 पार्टी सदस्य
- 22 पीएलजीए/आरपीसी एवं अन्य कार्यकर्ता
इनमें रूपेश उर्फ सतीश, भास्कर उर्फ राजमन मंडावी, रनिता, राजू सलाम, धन्नू वेट्टी उर्फ संटू और रतन एलम जैसे शीर्ष माओवादी नेता भी शामिल हैं। सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने जो हथियार सौंपे, उनमें शामिल हैं।
- 19 AK-47 राइफलें
- 17 SLR राइफलें
- 23 INSAS राइफलें
- 1 INSAS LMG
- 36 .303 राइफलें
- 4 कार्बाइन
- 11 BGL लांचर
- 41 बारह-बोर/सिंगल शॉट बंदूकें
- 1 पिस्तौल
इस नक्सलविरोधी ऑपरेशन की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेय साय ने कहा..
#WATCH | Raipur | On 208 Naxalites to surrender in Jagdalpur today, Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai says, "It is a historic day not just for Chhattisgarh but the entire nation when Naxalites in large numbers will surrender and join the mainstream. The government will work to skill… pic.twitter.com/ohQIyuzYfo
— ANI (@ANI) October 17, 2025
इन हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया। इस सरेंडर के बाद नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस सामूहिक सरेंडर से बस्तर संभाग में माओवादी नेटवर्क की जड़ें कमजोर होंगी, जो कभी देश में वामपंथी उग्रवाद का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था। आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं के तहत मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी मोर्चे पर यह अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार, सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के संयुक्त प्रयासों से अब नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में है।





