हाईवे पर दौड़ती कार बनी आग का गोला, यात्रियों की जान बची

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

BY: Yoganand Shrivastva

कर्नाटक राष्ट्रीय राजमार्ग-73 पर कर्नाटक के टुमकुरू जिले में एक चलती कार में अचानक आग लग गई और चंद मिनटों में वह जलकर पूरी तरह खाक हो गई। इस खौफनाक हादसे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। राहत की बात यह रही कि हादसे से ठीक पहले कार में सवार लोग बाहर निकलने में कामयाब रहे और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

घटना कैसे घटी?

यह घटना टुमकुरू जिले के गुब्बी तालुका स्थित यल्लापुर गेट के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, डस्टर कार टुमकुरू से होसदुर्गा की ओर जा रही थी। कार के मालिक हेमंत और उनके साथ एक अन्य यात्री अपने पैतृक गांव श्रीरामपुर जा रहे थे। अचानक कार से धुंआ निकलने लगा और कुछ ही पलों में आग की लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया।

साहस और सतर्कता से बची जान

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही धुआं निकला, कार में बैठे दोनों व्यक्ति सतर्कता दिखाते हुए तुरंत बाहर निकल गए। किसी को कोई चोट नहीं आई, जबकि कार पूरी तरह आग की चपेट में आ गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची। गुब्बी पुलिस थाने के उप-निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जल चुकी थी।

कार में आग लगने के संभावित कारण क्या हो सकते हैं?

चलती कार में आग लगना एक गंभीर स्थिति होती है, और इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं:

  • इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट:
    पुरानी या खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन और टूटी फ्यूजिंग के चलते कार में शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे आग लग सकती है।
  • ईंधन का रिसाव:
    फ्यूल टैंक, पाइप या इंजेक्शन सिस्टम से पेट्रोल या डीजल का लीक होना और उसका गर्म इंजन या एग्जॉस्ट के संपर्क में आना आग का कारण बन सकता है।
  • इंजन का ज़्यादा गरम होना:
    जब इंजन अत्यधिक गर्म हो जाता है और उस पर इंजन ऑयल या अन्य ज्वलनशील तरल गिरता है, तब आग भड़क सकती है। यह अक्सर कूलिंग सिस्टम की विफलता से होता है।
  • बैटरी की समस्या:
    बैटरी के ओवरचार्ज होने, गैस के रिसाव या गलत कनेक्शन से हाइड्रोजन गैस का निर्माण होता है, जो आग पकड़ सकती है।
  • बाहरी कारण:
    कभी-कभी एग्जॉस्ट पाइप के संपर्क में आने वाली सूखी घास, प्लास्टिक या कचरा भी आग का कारण बन सकता है।

सुरक्षा के लिए क्या करें?

  1. नियमित रूप से गाड़ी की सर्विस कराएं।
  2. वायरिंग और बैटरी कनेक्शन की जांच कराते रहें।
  3. फ्यूल सिस्टम में किसी भी तरह का रिसाव नज़र आते ही तुरंत ठीक कराएं।
  4. इमरजेंसी फायर एक्सटिंग्विशर रखें और उसका उपयोग जानें।


टुमकुरू की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वाहन चलाते समय सिर्फ सड़क पर ध्यान देना काफी नहीं, बल्कि वाहन की तकनीकी स्थिति और रखरखाव पर भी नजर रखना जरूरी है। सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने दो लोगों की जान बचा ली—जो एक बड़ी राहत की बात है।

Ramchandrapur Encroachment Removal: बलरामपुर के रामचन्द्रपुर में अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Ramchandrapur Encroachment Removal: एसडीएम और राजस्व-वन विभाग की मौजूदगी में चल रहा

MP TOP 10: शिक्षा, सुरक्षा और विकास से जुड़ी अहम अपडेट्स पर एक नजर

1. MP TOP 10: एमपी बोर्ड 10वीं द्वितीय परीक्षा का परिणाम जारी