BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली देशभर में आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा कर एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दे रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: बलिदान और सेवा का त्योहार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर देशवासियों, खासकर मुस्लिम समुदाय को ईद की मुबारकबाद देते हुए लिखा:
“ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को, विशेष रूप से मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई देती हूं। यह त्योहार त्याग, श्रद्धा और आदर्शों का प्रतीक है। आइए, इस अवसर पर हम समाज और देश के प्रति समर्पण की भावना से कार्य करने का संकल्प लें।”
प्रधानमंत्री मोदी ने दी अमन और समृद्धि की कामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा:
“ईद-उल-अजहा की ढेरों शुभकामनाएं। यह पर्व समाज में भाईचारे और सौहार्द को बढ़ाए और देश में शांति और समृद्धि का वातावरण बनाए रखे। सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सुखद जीवन की कामना करता हूं।”
उमर अब्दुल्ला का बयान: भाईचारा बढ़े, लेकिन जामा मस्जिद पर अफसोस
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी देशवासियों को बकरीद की बधाई दी और एकता की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा:
“मैं पूरे देश और दुनिया के मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद देता हूं और प्रार्थना करता हूं कि यह दिन अमन, खुशहाली और भाईचारा लेकर आए।”
हालांकि उन्होंने श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में इस साल भी ईद की नमाज की अनुमति न मिलने पर निराशा जताई। उमर ने कहा:
“मुझे इस बात का अफसोस है कि एक बार फिर श्रीनगर की जामा मस्जिद में ईद की नमाज नहीं होने दी गई। यह फैसला किस आधार पर लिया गया, मुझे नहीं पता, लेकिन हमें कभी न कभी अपने लोगों पर भरोसा करना होगा। सरकार को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए।”





