,

Aaj ka Panchang: रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का बन रहा खास संयोग, जानें शुभ-अशुभ समय और पूजा विधि

aaj-ka-panchang-04-september-2026/

Aaj ka Panchang: 4 सितंबर 2026 को शुक्रवार का दिन रहेगा। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन कई कारणों से खास माना जा रहा है। इस दिन भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी, जो रात 12:14 बजे तक रहेगी। इसके साथ ही रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का संयोग भी बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इन योगों को सुख, प्रसन्नता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है।

शुक्रवार का दिन विशेष रूप से माता लक्ष्मी और देवी संतोषी की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस दिन धन-वैभव, पारिवारिक सुख और जीवन में शांति की कामना से पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं 4 सितंबर का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ समय, सूर्य-चंद्र की स्थिति और पूजा की विधि।

4 सितंबर 2026 का पंचांग

4 सितंबर को कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि रात 12:14 बजे तक रहेगी। शुक्रवार होने के कारण दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र रात 11:05 बजे तक रहेगा, जबकि हर्षण योग दोपहर 3:44 बजे तक प्रभावी रहेगा। बालव करण दोपहर 1:19 बजे तक रहेगा।

मास की गणना के अनुसार अमांत पद्धति में यह श्रावण मास और पूर्णिमांत पद्धति में भाद्रपद मास का समय है। विक्रम संवत 2083, सिद्धार्थ तथा शक संवत 1948, प्रभाउ रहेगा। सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा वृष राशि में स्थित रहेंगे।

तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति

4 सितंबर को कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रात 12:14 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र को ज्योतिषीय परंपरा में शुभ और उन्नति से जुड़ा हुआ माना जाता है। वहीं हर्षण योग का संबंध प्रसन्नता और सकारात्मक वातावरण से माना जाता है।

इन दोनों के संयोग के कारण दिन को धार्मिक कार्यों, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि किसी भी विशेष कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का मिलान करना उचित माना जाता है।

शुक्रवार को पूजा का विशेष महत्व

शुक्रवार का संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में इस दिन धन, सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली के लिए देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके अलावा देवी संतोषी की उपासना भी शुक्रवार को विशेष फलदायी मानी जाती है।

इस दिन घर में साफ-सफाई रखने, पूजा स्थल को व्यवस्थित करने और श्रद्धा के साथ देवी की आराधना करने की परंपरा है। मान्यता है कि शुक्रवार को विधि-विधान से पूजा करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से सकारात्मकता बढ़ती है।

4 सितंबर के शुभ और अशुभ समय

4 सितंबर को शुभ मुहूर्त सुबह 11:33 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल सुबह 10:23 बजे से 11:58 बजे तक माना गया है। इस अवधि में शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।

गुलिक काल सुबह 7:15 बजे से 8:49 बजे तक रहेगा, जबकि यमघण्ट काल दोपहर 3:06 बजे से शाम 4:41 बजे तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण शुभ कार्य के लिए इन अवधियों को ध्यान में रखकर समय निर्धारित किया जा सकता है।

सूर्य और चंद्रमा से जुड़े समय

4 सितंबर को सूर्योदय सुबह 5:40 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:15 बजे निर्धारित है। चंद्रोदय रात 11:10 बजे और चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 12:37 बजे होगा।

दिन के दौरान सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे। पंचांग के अनुसार ऋतु वर्षा और अयन दक्षिणायन रहेगा। इस दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में माना गया है, जबकि चंद्र निवास दक्षिण दिशा में रहेगा।

4 सितंबर के पंचांग की पूरी जानकारी

  • तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी, रात 12:14 बजे तक
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: रोहिणी, रात 11:05 बजे तक
  • योग: हर्षण, दोपहर 3:44 बजे तक
  • करण: बालव, दोपहर 1:19 बजे तक
  • मास (अमांत): श्रावण
  • मास (पूर्णिमांत): भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थ
  • शक संवत: 1948, प्रभाउ
  • सूर्य राशि: सिंह
  • चंद्र राशि: वृष
  • ऋतु: वर्षा
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: पश्चिम
  • चंद्र निवास: दक्षिण

4 सितंबर को कैसे करें माता लक्ष्मी की पूजा

शुक्रवार के दिन पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ और हल्के रंग के कपड़े पहनने की परंपरा है। इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई करके माता लक्ष्मी और अपने इष्ट देव का स्मरण किया जा सकता है।

पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीसूक्त का पाठ या लक्ष्मी मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। शाम के समय माता लक्ष्मी की आरती करके परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जा सकती है।

दान-पुण्य से जुड़ी मान्यता

धार्मिक दृष्टि से शुक्रवार को जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र, मिठाई या अन्य उपयोगी सामग्री का दान किया जा सकता है।

मान्यता है कि दान और सेवा की भावना से किए गए कार्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और संतोष बढ़ाने में सहायक होते हैं। इसलिए पूजा के साथ जरूरतमंदों की मदद करने को भी इस दिन की धार्मिक गतिविधियों में शामिल किया जा सकता है।

4 सितंबर का दिन क्यों है खास

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग के कारण 4 सितंबर का दिन धार्मिक रूप से विशेष माना जा रहा है। शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की उपासना का महत्व भी बढ़ जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रोहिणी नक्षत्र को समृद्धि और शुभता से जोड़ा जाता है, जबकि हर्षण योग प्रसन्नता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन धन, वैभव, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति की कामना से पूजा-पाठ करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार क्या करें

इस दिन घर में सकारात्मक और शांत वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है। सुबह स्नान के बाद पूजा-अर्चना करें, दीपक जलाएं और माता लक्ष्मी का ध्यान करें। अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना भी धार्मिक दृष्टि से अच्छा माना जाता है।

हालांकि पंचांग और ज्योतिष से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक परंपराओं पर आधारित होती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को केवल ज्योतिषीय गणना के आधार पर लेने के बजाय परिस्थितियों और उचित सलाह को भी ध्यान में रखना चाहिए।

निष्कर्ष

4 सितंबर 2026, शुक्रवार का दिन पंचांग की दृष्टि से कई विशेष संयोगों वाला है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का मेल इसे धार्मिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। वहीं शुक्रवार होने से माता लक्ष्मी और देवी संतोषी की पूजा का महत्व भी बढ़ जाता है।

इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना, मंत्र जाप, आरती और जरूरतमंदों को दान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे कार्य जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की भावना को बढ़ाने वाले माने जाते हैं।

Jamtara News: जामताड़ा में अग्निमित्रा पॉल का जोरदार स्वागत, दुर्गा पूजा को लेकर दिया बड़ा बयान

रिपोर्ट: रतन कुमार Jamtara News पश्चिम बंगाल की उपमुख्यमंत्री अग्निमित्रा पॉल गुरुवार

Bihar Flood: नवगछिया के मदरौनी में कोसी का कहर, सड़कों और घरों में पांच फीट से ज्यादा पानी

रिपोर्ट: संजीव कुमार शर्मा Bihar Flood भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल के मदरौनी

Yogi Adityanath: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मथुरा पहुंचे CM योगी, नन्हें कान्हाओं पर बरसाया स्नेह

Yogi Adityanath श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे।

Swine Flu Ayurvedic Treatment: स्वाइन फ्लू में कौन सी जड़ी-बूटियां हो सकती हैं मददगार

Swine Flu Ayurvedic Treatment: इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण को

Korba Unidentified Dead Body: खेत में अज्ञात शव मिलने से मची सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

Korba Unidentified Dead Body: कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की टॉप 10 खबरें 1. मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए रिश्वत

MP: Top 10

MP: मध्य प्रदेश की टॉप 10 खबरें 1. भोपाल की न्यू मार्केट

Gorakhpur: गोरक्षपीठ में परंपरा, भव्यता और उल्लास से मनाया जाएगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

Report by: Vandana Rawat Gorakhpur: गोरक्षपीठ में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव (श्रीकृष्ण