Gaurela Pendra Marwahi Corruption Case: जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के ग्राम पंचायत परासी में सामने आए Gaurela Pendra Marwahi Corruption Case में स्वदेश न्यूज की खबर का बड़ा असर हुआ है। पंचायत में निर्माण कार्य के लिए जारी राशि में गड़बड़ी और अपेक्षित निर्माण कार्य नहीं मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
Gaurela Pendra Marwahi Corruption Case: 7.96 लाख की राशि जारी, मौके पर मिला सिर्फ 1.86 लाख का काम
मामला ग्राम पंचायत परासी में जिला खनिज न्यास मद से पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए जारी राशि से जुड़ा है। निर्माण कार्य के लिए 7 लाख 96 हजार रुपये की पहली किस्त जारी की गई थी। राशि का आहरण किए जाने के बावजूद मौके पर अपेक्षा के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं मिला।
जांच के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मरवाही के उप अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी ने मौके पर किए गए निर्माण कार्य का मूल्यांकन एवं सत्यापन किया। जांच में केवल 1 लाख 86 हजार 436 रुपये के कार्य का मूल्यांकन किया गया। इस तरह जारी राशि और मौके पर मिले कार्य के बीच 6 लाख 9 हजार 564 रुपये के बराबर का अंतर सामने आया।
Gaurela Pendra Marwahi Corruption Case: वसूली की राशि जमा नहीं करने पर सचिव पर गिरी गाज
मामले में पूर्व सरपंच कुसुमलता मरावी और तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी से 3 लाख 4 हजार 782 रुपये की वसूली किया जाना शेष बताया गया है। संबंधित राशि की वसूली के लिए 13 अगस्त 2026 को तत्कालीन पंचायत सचिव को राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मरवाही की रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्कालीन पंचायत सचिव ओंकार सिंह मरावी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
स्वदेश न्यूज द्वारा मामले को प्रमुखता से सामने लाए जाने के बाद हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के मामलों में प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अब मामले में संबंधित राशि की वसूली और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आगे की प्रक्रिया जारी है।


