PM Modi: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच बातचीत हुई। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है। राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव बिश्केक में आयोजित एससीओ प्लस फॉर्मेट की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
भारत और अजरबैजान के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे समय में दोनों नेताओं की यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अजरबैजान की पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकी को लेकर भारत में पहले से ही नजर रखी जाती रही है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच अलीयेव और पीएम मोदी की बातचीत को दोनों देशों के संबंधों को फिर से बेहतर दिशा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
PM Modi: बिश्केक में पीएम मोदी और इल्हाम अलीयेव की मुलाकात
बिश्केक में एससीओ प्लस फॉर्मेट की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच आमने-सामने बातचीत हुई। सामने आई तस्वीर में दोनों नेता बैठकर चर्चा करते दिखाई दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत और अजरबैजान के संबंधों में पिछले कुछ समय से पहले जैसी गर्मजोशी नहीं रही है।
PM Modi: भारत-अजरबैजान के रिश्तों में क्यों आई दूरी
भारत और अजरबैजान के संबंध पिछले कुछ वर्षों में कई कारणों से प्रभावित हुए हैं। विशेष रूप से पाकिस्तान के प्रति अजरबैजान के रुख और भारत से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर उसके बयानों के कारण नई दिल्ली और बाकू के बीच दूरी बढ़ी।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भी दोनों देशों के रिश्तों पर इसका असर पड़ा। ऐसे माहौल में बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी और अलीयेव की बातचीत को कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
PM Modi: रिश्तों में सुधार की कोशिश के तौर पर देखी जा रही मुलाकात
पीएम मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत को दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से ठंडे पड़े रिश्तों के बीच शीर्ष स्तर पर हुई यह बातचीत भविष्य में द्विपक्षीय संपर्क को आगे बढ़ाने का आधार बन सकती है।
हालांकि, इस मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन दोनों नेताओं का एक साथ बातचीत करना अपने आप में कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
PM Modi और पुतिन के साथ भी नजर आए अलीयेव
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव बिश्केक में एससीओ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी नजर आए। तीनों नेताओं को एससीओ आयोजन स्थल पर बातचीत और साथ चलते हुए देखा गया।
एससीओ के मंच पर अलग-अलग देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के बीच अलीयेव की पीएम मोदी के साथ हुई बातचीत ने खास तौर पर ध्यान खींचा है।
PM Modi: ईरान संकट के दौरान भारत की मदद कर चुका है अजरबैजान
ईरान से जुड़े संकट के दौरान अजरबैजान ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की थी। संघर्ष और तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कई मार्गों का इस्तेमाल किया था, जिसमें अजरबैजान भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहा।
इस सहयोग को भारत और अजरबैजान के बीच व्यावहारिक संपर्क के एक उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। क्षेत्रीय अस्थिरता के दौर में दोनों देशों के बीच इस तरह का सहयोग भविष्य की कूटनीतिक बातचीत के लिए भी अहम हो सकता है।
PM Modi: आर्मेनिया के साथ शांति समझौते के बाद बदले क्षेत्रीय समीकरण
भारत के लिए अजरबैजान के साथ संबंधों को देखते समय आर्मेनिया का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। भारत के आर्मेनिया के साथ रणनीतिक और रक्षा संबंध मजबूत रहे हैं। वहीं अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद हाल के समय में शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ा है।
अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच शांति प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद भारत और अजरबैजान के बीच भी विदेश विभागों के स्तर पर संवाद शुरू होने की बात सामने आई है। इससे दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
PM Modi: आर्मेनिया के साथ भारत के रक्षा संबंध मजबूत
आर्मेनिया भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद करने वाले प्रमुख देशों में शामिल होकर उभरा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है। ऐसे में दक्षिण काकेशस क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी के लिहाज से आर्मेनिया और अजरबैजान दोनों के साथ संतुलित संबंध महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच संबंधों में सुधार की प्रक्रिया के साथ भारत के लिए भी इस पूरे क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक भूमिका को संतुलित रखना महत्वपूर्ण है।
PM Modi: पाकिस्तान के साथ अजरबैजान की नजदीकी भी रही है चर्चा में
अजरबैजान और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक और रणनीतिक नजदीकी बढ़ी है। पाकिस्तान ने कई मौकों पर अजरबैजान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है। इसी वजह से भारत में बाकू के रुख पर लगातार नजर रही है।
ऐसे समय में अजरबैजान के राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत को कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। यह मुलाकात भारत और अजरबैजान के बीच संवाद को नए सिरे से आगे बढ़ाने की संभावना का संकेत दे सकती है।
PM Modi: SCO मंच पर मुलाकात का बढ़ा महत्व
एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंच पर होने वाली द्विपक्षीय बातचीत कई बार व्यापक क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद का रास्ता खोलती है। बिश्केक में पीएम मोदी और इल्हाम अलीयेव की मुलाकात भी इसी नजरिए से महत्वपूर्ण है।
भारत के लिए मध्य एशिया और आसपास के क्षेत्रों में संपर्क, सुरक्षा, व्यापार तथा रणनीतिक हित महत्वपूर्ण हैं। वहीं अजरबैजान भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।
PM Modi: आगे भारत-अजरबैजान संबंधों पर रहेगी नजर
पीएम मोदी और इल्हाम अलीयेव की बिश्केक में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आगे क्या बदलाव आता है, इस पर नजर रहेगी। यदि उच्च स्तर पर संवाद आगे बढ़ता है तो व्यापार, कनेक्टिविटी, क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
फिलहाल दोनों नेताओं की यह मुलाकात इस संकेत के तौर पर देखी जा रही है कि भारत और अजरबैजान के बीच बातचीत के लिए राजनयिक स्तर पर दरवाजा खुला हुआ है।


