Delhi Women Safety : महिलाओं, बच्चियों के लिए दिल्ली असुरक्षित क्यों ?कड़े कानून बने, फिर भी क्यों नहीं बदली व्यवस्था ?
Delhi Women Safety : देश की राजधानी दिल्ली, क्या महिलाओं और बच्चियां के लिये सुरक्षित नहीं हैं, ये सवाल इस लिये है क्योंकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक महिला हैं।बीते दशकों में दिल्ली में दुष्कर्म की कई गंभीर और बड़ी घटनाएं सामने आईं, वारदातों के बाद सरकारों ने गंभीरता और तत्परता दिखाई, कड़े कानून बनाए गए, लेकिन दुष्कर्म जैसी घटनाओं को रोकने में सब नाकाम हैं। यही वजह है कि एक बार फिर दिल्ली से निर्भया कांड जैसा एक और मामला सामने आया, जहां 11वीं की एक नाबालिग छात्रा से स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया। लेकिन जिस तरह से चलती बस में वारदात को अंजाम दिया गया, उसने 2012 के निर्भया कांड के जख्म कुरेद दिए।
Delhi Women Safety : साथ ही कई सारे सवाल देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी एक बार फिर खड़े गए हैं।सवाल ये कि क्या निर्भया के 14 साल बाद भी दिल्ली की तस्वीर नहीं बदली। क्योंकि बस में सुरक्षा उपकरणों की स्थिति, पर्दों और टिंटेड ग्लास से निगरानी में बाधा, CCTV के काम न करने और नियमों के पालन की कमी जैसी बातें सामने आ रही हैं। तो क्या सार्वजनिक परिवहन अब भी महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित है ? सवाल ये कि निर्भया कांड के बाद कानून बदले, लेकिन व्यवस्था क्यों नहीं बदली ? और सबसे बड़ा सवाल कि सुरक्षा के खोखले दावों की जो तस्वीर बार बार सामने आ जाती है, उसके लिये आखिर जिम्मेदार कौन ?
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