BY: Yoganand Shrivastva
अंडरवर्ल्ड डॉन अरुण गवली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। करीब 18 साल बाद गवली जेल से बाहर आने वाले हैं। उन्हें मुंबई के शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी। वर्तमान में वे नागपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
गवली कब होंगे रिहा?
गवली के वकील मीर नगमान अली के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने गवली को जमानत देते हुए यह माना कि उन्होंने 18 साल की सजा पूरी कर ली है और उनकी उम्र 73 साल है। इन दोनों आधारों पर कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का आदेश दिया। जानकारी के मुताबिक, अगले एक-दो दिनों में गवली नागपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ सकते हैं।
गवली की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी मीर नगमान अली और हाड़कर ने की।
क्या था मामला?
अरुण गवली 2004 में मुंबई की एक विधानसभा सीट से विधायक भी बने थे। उन्हें 2007 में शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मुंबई सत्र न्यायालय ने 2012 में उन्हें उम्रकैद और 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्हें नागपुर जेल भेजा गया।
कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने गवली की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके लंबे समय तक जेल में रहने और उम्र पर ध्यान दिया। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि गवली को निचली अदालत द्वारा तय शर्तों और नियमों के तहत जमानत दी जा सकती है।





