रेस्क्यू में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: सीएम मोहन यादव ने कमांड सेंटर से संभाला मोर्चा, बाढ़ पीड़ितों के लिए हेलीकॉप्टर की मांग

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विशेष संवाददाता: आकाश सेन, अपडेट: योगानंद श्रीवास्तव

भोपाल, मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गांवों से लेकर शहरी कॉलोनियों तक पानी भर चुका है, जिससे हजारों लोग फंसे हुए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य आपदा नियंत्रण कमांड सेंटर पहुंचकर हालात की सीधी समीक्षा की और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।


रेस्क्यू में कोताही नहीं चलेगी

कमांड सेंटर में समीक्षा बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने साफ शब्दों में कहा कि बचाव और राहत कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की जाए।


रक्षा मंत्रालय से हेलीकॉप्टर की मांग

मुख्यमंत्री ने बताया कि कई इलाके ऐसे हैं जहां सड़क संपर्क टूट गया है या स्थिति अत्यधिक विकट है। ऐसे क्षेत्रों में हवाई बचाव अभियान की आवश्यकता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय से हेलीकॉप्टर की मांग की गई है ताकि राहत कार्य तेज़ी से हो सके।


जवानों और प्रभावितों से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर होमगार्ड और राहत दल के जवानों से बातचीत की और उनके हौसले की तारीफ की। उन्होंने कहा:

“हमारे जवान नावों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। मैंने खुद प्रभावित लोगों और राहतकर्मियों से बातचीत की, सभी ने डटकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उनकी मेहनत को मैं सलाम करता हूं।”


अब तक 2,900 लोगों को किया गया रेस्क्यू

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि रीवा, गुना, दमोह, अशोकनगर और शिवपुरी जैसे ज़िलों में अब तक करीब 2,900 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इन्हें अस्थायी शिविरों में शिफ्ट कर भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


सरकार हर संकटग्रस्त नागरिक के साथ

सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार हर आपदा पीड़ित के साथ खड़ी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वो सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि बचाव और राहत कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरिकों और कर्मियों को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा।


शिवपुरी और अशोकनगर में हालात बेहद गंभीर

सरकार ने बताया कि शिवपुरी और अशोकनगर जिलों में हालात सबसे अधिक गंभीर हैं। यहां सेना के दस्ते राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं। बुंदेलखंड के इलाकों में भी जलभराव और बाढ़ का प्रभाव देखा जा रहा है, जिसके चलते प्रशासन को अलर्ट मोड में रखा गया है।


बाढ़ से मचे कोहराम के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने तेजी से मोर्चा संभाला है। कमांड सेंटर से निगरानी, हेलीकॉप्टर की मांग और राहत कार्यों की प्राथमिकता से साफ है कि प्रशासन इस आपदा को लेकर पूरी तरह चौकस है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राहत कार्यों को नए सिरे से गति मिलती दिख रही है।

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