BY: Yoganand Shrivastva
मनोरंजन डेस्क, विजय राज अभिनीत फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर जारी विवाद अब सियासी गलियारों तक पहुंच गया है। राजस्थान के कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड पर आधारित इस फिल्म को 11 जुलाई को रिलीज किया जाना है, लेकिन इससे पहले ही इसके खिलाफ विरोध की लहर तेज हो गई है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ अब राजनेता भी इसके खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।
अबू आजमी ने जताई आपत्ति
महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य और समाजवादी पार्टी नेता अबू आसिम आजमी ने सदन में इस फिल्म का मुद्दा उठाते हुए सरकार से मांग की है कि ‘उदयपुर फाइल्स’ पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए। उनका कहना है कि इस फिल्म के माध्यम से समाज में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है, जो भविष्य में कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है।
उन्होंने कहा, “यह फिल्म सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकती है और इसका असर शांति पर पड़ेगा, इसलिए इसकी रिलीज को तत्काल रोका जाए।”
मौलाना अरशद मदनी की याचिका
इससे पहले जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में कई आपत्तिजनक दृश्य हैं जो साम्प्रदायिक तनाव को भड़का सकते हैं। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया से फिल्म का ट्रेलर हटाने की मांग भी की थी।
फिल्म की पृष्ठभूमि
‘उदयपुर फाइल्स‘ राजस्थान के कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड पर आधारित है, जो 28 जून 2022 को घटित हुआ था। इस दिन दो हमलावर ग्राहक बनकर कन्हैयालाल की दुकान में घुसे और नाप लेते समय अचानक उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसका सिर कलम कर दिया और पूरी घटना को वीडियो में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस नृशंस वारदात ने देशभर में आक्रोश फैला दिया था।
11 जुलाई को प्रस्तावित है रिलीज
फिल्म के निर्माता-निर्देशक इस सच्ची घटना को पर्दे पर लाकर समाज में सच उजागर करने की बात कह रहे हैं, लेकिन विरोध करने वालों का मानना है कि इस प्रकार की फिल्में लोगों के धर्म-भावनाओं को आहत कर सकती हैं और देश में सांप्रदायिक तनाव का कारण बन सकती हैं।





