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जनकपुरी से श्रीमंदिर पहुंचे महाप्रभु जगन्नाथ

Mahaprabhu Jagannath reached Srimandir from Janakpuri

संवाददाता: मनोज जंगम

जगदलपुर, बस्तर – आदिवासी संस्कृति और आस्था का प्रतीक बस्तर का गोंचा महापर्व रविवार को देवशयनी एकादशी के साथ संपन्न हुआ। शनिवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी विशाल रथों पर सवार होकर जनकपुरी स्थित सिरहासार भवन से श्रीमंदिर पहुंचे। इस भव्य रथयात्रा के साथ ‘बाहुड़ा गोंचा’ पर्व की पारंपरिक रस्में पूरी की गईं।

9 दिवसीय गोंचा महापर्व का समापन

गोंचा महापर्व के आयोजन की जानकारी देते हुए गोंचा समिति के अध्यक्ष चिंतामणि पांडेय ने बताया कि भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ 9 दिनों तक सिरहासार भवन (जनकपुरी) में भक्तों को दर्शन दे रहे थे। शनिवार को जब रथ श्रीमंदिर की ओर रवाना हुए, तो श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

  • विशाल रथों पर भगवान जगन्नाथ और उनके सहचर विराजमान रहे।
  • रथयात्रा के दौरान पूरा शहर ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंज उठा।
  • श्रीमंदिर पहुंचने के बाद भगवान लक्ष्मी जी से ‘मेल-मिलाप’ की रस्म अदा की गई।

देवशयनी एकादशी के साथ हुआ समापन

रविवार को देवशयनी एकादशी के विशेष विधान के साथ बस्तर के इस ऐतिहासिक रियासत कालीन पर्व का समापन हुआ। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, और इसी के साथ धार्मिक आयोजनों पर विराम लग जाता है।

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