कोलकाता लॉ कॉलेज गैंगरेप केस: TMC सांसद कल्याण बनर्जी के बयान पर बवाल, विपक्ष का हमला

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कल्याण बनर्जी बयान kolkata rape case

कोलकाता | 28 जून 2025
कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप के सनसनीखेज मामले ने पूरे पश्चिम बंगाल में आक्रोश फैला दिया है। इस दर्दनाक घटना के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी के विवादित बयान ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। उनके बयान पर भाजपा समेत विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है।


क्या बोले TMC सांसद कल्याण बनर्जी?

मीडिया से बात करते हुए श्रीरामपुर से TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा,
“अगर कोई दोस्त अपनी ही दोस्त के साथ बलात्कार कर दे, तो पुलिस स्कूल-कॉलेजों में पहरा देगी क्या? ये एक छात्र ने दूसरी छात्रा के साथ किया। महिलाएं इन मानसिक विकृत पुरुषों के खिलाफ खुद ही लड़ें।”

उनके इस बयान को बीजेपी ने “शर्मनाक” और “संवेदनहीन” करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सांसद ने न केवल जिम्मेदारी टालने की कोशिश की, बल्कि आरोपियों के सत्ताधारी दल से कथित संबंधों पर भी चुप्पी साध ली।


क्या है पूरा मामला?

घटना बुधवार शाम की है, जब साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ कॉलेज परिसर में ही गैंगरेप हुआ। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक:

  • उसे कॉलेज के गार्ड रूम में बुलाया गया, जो छात्रसंघ कार्यालय के पास स्थित है।
  • वहां पर तीन युवकों ने उसे बंद कर दिया।
  • मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा (31), जो कॉलेज का पूर्व छात्र और प्रैक्टिसिंग वकील है, ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
  • अन्य दो छात्र ज़ैब अहमद (19) और प्रामित मुखोपाध्याय (20) ने सहयोग किया।
  • पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके सिर पर हॉकी स्टिक से मारा गया, पैनिक अटैक के दौरान इनहेलर मांगा तो नहीं दिया गया और घटना का वीडियो बनाने की धमकी भी दी गई।

डॉक्टरों ने मेडिकल जांच में पीड़िता के शरीर पर चोट के निशान, काटने के निशान और यौन हिंसा की पुष्टि की है।


आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चार दिन की रिमांड पर लिया है।

  • उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं।
  • पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या घटना का वीडियो बनाया गया।

सियासी तकरार: TMC पर विपक्ष का हमला

इस मामले में राजनीति गरमा गई है क्योंकि मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा के कथित तौर पर सत्तारूढ़ TMC से संबंध सामने आए हैं।

पीड़िता के बयान में कहा गया है,
“मनोजित मिश्रा कॉलेज में TMCP (TMC छात्र इकाई) का अनौपचारिक नेता था। कॉलेज में सभी उसकी सुनते थे।”

सोशल मीडिया पर मिश्रा की TMC के वरिष्ठ नेताओं, जैसे सांसद अभिषेक बनर्जी और राज्य की स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

विपक्षी दल भाजपा ने आरोप लगाया कि TMC के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।


डैमेज कंट्रोल में जुटी TMC

बढ़ते विवाद के बीच शुक्रवार शाम राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा,
“हम किसी महिला के दर्द का राजनीतिकरण नहीं चाहते। पुलिस अपना काम कर रही है। आरोपी चाहे किसी भी पार्टी से हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”


निष्कर्ष: पीड़िता को इंसाफ और राजनीति से ऊपर उठने की ज़रूरत

यह मामला केवल कानून व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही का भी है। जनता अब देख रही है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है या राजनीतिक समीकरण इसमें बाधा बनते हैं।

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