25 अप्रैल, 2025 – गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) ने गुरुवार को अपने पहली तिमाही (Q1) के नतीजे पेश किए, जो अनुमान से कहीं बेहतर रहे। कंपनी ने डिविडेंड (लाभांश) में 5% की बढ़ोतरी की घोषणा की और $70 बिलियन (करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये) के शेयर बायबैक को भी मंज़ूरी दी। इस ख़बर के बाद अल्फाबेट के शेयर 3% से ज़्यादा चढ़ गए।
क्या रहे नतीजे?
- आय (Revenue): 90.2बिलियन(अनुमान:90.2बिलियन(अनुमान:89.1 बिलियन)
- प्रति शेयर आय (EPS): 2.81(अनुमान:2.81(अनुमान:2.01)
- पिछले साल की तुलना में: 2024 की पहली तिमाही में कंपनी ने 1.89EPSऔर1.89EPSऔर80.5 बिलियन का राजस्व कमाया था।
कहाँ से आई कमाई?
- डिजिटल विज्ञापन (Advertising Revenue): 66.8बिलियन(अनुमान:66.8बिलियन(अनुमान:66.4 बिलियन)
- गूगल क्लाउड (Google Cloud): 12.2बिलियन(अनुमान:12.2बिलियन(अनुमान:12.3 बिलियन)
चुनौतियाँ क्या हैं?
- ट्रम्प के टैरिफ़ का असर:
- हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए “Liberation Day” टैरिफ़ प्लान ने बाज़ारों में हलचल मचा दी है। कई विश्लेषकों का मानना है कि इससे 2025 की दूसरी छमाही में कंपनियों की कमाई पर दबाव पड़ सकता है।
- Barclays के विश्लेषक रॉस सैंडलर ने कहा कि ई-कॉमर्स और डिजिटल विज्ञापनों में गिरावट देखी जा सकती है।
- एंटीट्रस्ट केसों का ख़तरा:
- पिछले हफ़्ते एक अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाया कि गूगल का ऑनलाइन विज्ञापन बाज़ार पर एकाधिकार (Monopoly) है, जो कानूनी रूप से ग़लत है। इससे गूगल को अपने विज्ञापन व्यवसाय को बेचने या पुनर्गठित करने का आदेश मिल सकता है।
- यह फैसला उस मामले के बाद आया है जब 2024 में गूगल की सर्च और विज्ञापन सेवाओं को भी एंटीट्रस्ट कानूनों का उल्लंघन करार दिया गया था।
आगे क्या?
- शेयर बायबैक ($70 बिलियन) और डिविडेंड में बढ़ोतरी से निवेशकों को राहत मिली है।
- लेकिन टैरिफ़ और कानूनी चुनौतियों के कारण आने वाले समय में गूगल के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।





