भारतीय वायुसेना ने आज ‘एक्सरसाइज एक्रामन’ नामक एक बड़े पैमाने का युद्धाभ्यास किया, जिसमें पर्वतीय और जमीनी इलाकों में हमले की रणनीति का अभ्यास शामिल था। यह अभ्यास मध्य भारत के एक विशाल क्षेत्र में किया गया, जिसमें रफाल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया।
क्या हुआ इस अभ्यास में?
- लंबी दूरी के हमले: वायुसेना के पायलटों ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले करने का अभ्यास किया।
- इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) ड्रिल: आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की रणनीति को टेस्ट किया गया।
- पूर्वी क्षेत्र से तैनाती: कुछ वायुसेना अड्डों से विमानों को इस अभ्यास के लिए विशेष रूप से तैनात किया गया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभ्यास?
पिछले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है। ऐसे में, भारतीय वायुसेना ने यह अभ्यास करके यह संदेश दिया है कि वह किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
रफाल की अहम भूमिका
भारत के पास रफाल विमानों की दो स्क्वाड्रन हैं—एक अंबाला (पंजाब) में और दूसरी हाशीमारा (पश्चिम बंगाल) में। ये विमान लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हैं और इस अभ्यास में इनकी क्षमता को और निखारा गया।
आगे क्या?
वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी इस अभ्यास की निगरानी कर रहे हैं और आने वाले महीनों में ऐसे और भी अभ्यास किए जाएंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय वायुसेना किसी भी युद्ध स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहे।
निष्कर्ष:
यह अभ्यास सिर्फ एक रूटीन ट्रेनिंग नहीं है, बल्कि दुश्मन देशों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता रहेगा, भारत अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करता रहेगा।
जिसने कलम और तलवार दोनों से लड़ी अंग्रेजों से जंग – विजय सिंह पथिक





