INS सूरत, जनवरी 2025 में कमीशन किया गया था और यह 75% स्वदेशी तकनीक से निर्मित है। इस पोत में ब्रह्मोस और बराक-8 मिसाइलें, अत्याधुनिक रडार प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उन्नत क्षमताएं शामिल हैं, जो इसे बहु-आयामी युद्ध क्षमताओं से लैस करती हैं।
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहल्गाम हमले के बाद आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, “भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों को खोजेगा, उनका पीछा करेगा और उन्हें दंडित करेगा।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की भावना कभी नहीं टूटेगी और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
यह मिसाइल परीक्षण और प्रधानमंत्री की चेतावनी स्पष्ट संकेत हैं कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और अपनी सुरक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है।





