नागपुर: दंगों के मास्टरमाइंड फहीम खान, जो पेशे से बुरका विक्रेता है, को उसकी गिरफ्तारी के बाद देशद्रोह के दो और मामलों में फंसाया गया है। फहीम को मंगलवार की सुबह उसके घर से गिरफ्तार किया गया था और अब वह पुलिस रिमांड पर है, जिसे शुक्रवार तक बढ़ाया जा सकता है।
फहीम पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए साम्प्रदायिक नफरत फैलाई और हिंसा भड़काने का काम किया। ये वीडियो नागपुर के मध्य इलाके में हिंसा भड़कने से कुछ घंटे पहले पोस्ट किए गए थे। इन वीडियो में एक खास समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के साथ-साथ पुलिस के खिलाफ गलत जानकारी भी दी गई थी। इसके अलावा, फिल्म ‘छावा’ के कलाकारों और क्रू के खिलाफ भी नफरत भरे बयान दिए गए थे, क्योंकि फिल्म में मुगल बादशाह औरंगजेब को नकारात्मक रूप में दिखाया गया था।

फहीम, जो पेशे से सीसीटीवी मैकेनिक है और अल्पसंख्यक राजनीति में सक्रिय रहा है, को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत देशद्रोह के आरोप में बुक किया गया है। हालांकि इस धारा में देशद्रोह शब्द का जिक्र नहीं है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें “देश विरोधी गतिविधियों” का उल्लेख किया गया है।
पुलिस का बयान:
डीसीपी (साइबर सेल) लोहित मटानी ने टीओआई से बातचीत में कहा कि फहीम ने जानबूझकर अपने भड़काऊ वीडियो को शेयर किया, जिसमें दूसरे समुदाय और पुलिस के खिलाफ नफरत फैलाई गई थी। मटानी ने कहा, “इन वीडियो को कई बार शेयर किया गया, जिससे पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई और हिंसा भड़की।” फहीम को गणेशपेठ पुलिस कस्टडी में रखा गया है और जल्द ही उसे साइबर सेल में ट्रांसफर किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन भड़काऊ वीडियो को सोशल मीडिया पर कई बार शेयर किया गया, जिससे ये तेजी से वायरल हुए और हिंसा भड़काने में अहम भूमिका निभाई।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- फहीम खान को देशद्रोह के दो और केस में फंसाया गया है।
- उस पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने का आरोप है।
- वीडियो में एक खास समुदाय और पुलिस के खिलाफ नफरत फैलाई गई थी।
- फहीम को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत बुक किया गया है।
- पुलिस का कहना है कि वीडियो ने हिंसा भड़काने में अहम भूमिका निभाई।




