20 मार्च 2025 को नागपुर में हुई हिंसा की गुत्थी सुलझाने में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। नागपुर पुलिस की साइबर सेल ने पता लगाया कि इस हंगामे के पीछे बांग्लादेश से चलाया जा रहा एक फेसबुक अकाउंट था। इस अकाउंट ने भड़काऊ पोस्ट डालकर माहौल को गरम किया और लोगों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की। ऐसा लगता है कि ये सब देश के खिलाफ साजिश का हिस्सा हो सकता है।

कैसे शुरू हुई हिंसा?
17 मार्च को नागपुर में जो बवाल हुआ, उसकी शुरुआत औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर हुए विरोध से हुई। देखते ही देखते बात बढ़ गई, पत्थरबाजी शुरू हो गई, आगजनी हुई और गाड़ियों में तोड़फोड़ मच गई। सोशल मीडिया पर अफवाहें और फर्जी खबरें आग में घी डालने का काम कर रही थीं। लेकिन अब जो बात सामने आई है, वो और भी गंभीर है।
बांग्लादेशी अकाउंट का खेल
साइबर सेल की जांच में पता चला कि एक फेसबुक अकाउंट, जो बांग्लादेश से ऑपरेट हो रहा था, इस हिंसा को भड़काने में बड़ा रोल निभा रहा था। इस अकाउंट ने नागपुर की घटना को “छोटी बात” बताया और लिखा कि “अभी तो बड़े दंगे होने बाकी हैं।” इसका मकसद था लोगों को उकसाना और सांप्रदायिक तनाव को हवा देना। पुलिस ने फेसबुक से इस अकाउंट को ब्लॉक करने की मांग की है और इसकी जड़ तक पहुंचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट की भरमार
पुलिस ने जांच में पाया कि फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर 144 जहरीली पोस्ट और वीडियो फैलाए गए थे। इनमें फर्जी खबरें, छेड़छाड़ किए गए वीडियो और नफरती बातें शामिल थीं। इस मामले में अब तक 10 FIR दर्ज हो चुकी हैं। एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) भी जांच में कूद पड़ी है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कहीं ये देश विरोधी ताकतों या विदेशी साजिश का हिस्सा तो नहीं।
अब आगे क्या?
नागपुर का ये मामला अब सिर्फ स्थानीय झगड़े तक सीमित नहीं रहा। बांग्लादेश से आए इस कनेक्शन ने इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश की शक्ल दे दी है। पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी ताकत से इसकी तह तक जाने में जुटी हैं, ताकि ऐसे तत्वों को बेनकाब किया जा सके जो देश में अशांति फैलाना चाहते हैं।




