Indore Water Policy: इंदौर नगर निगम ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए नई जल नीति तैयार कर ली है। नियम तोड़ने पर पहली बार 5 हजार और दूसरी व तीसरी बार 10 हजार रूपए का जुर्माना लगेगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से जल संरक्षण क अपील की है।
Indore Water Policy: पानी की बर्बादी करने वालों पर होगी सख्ती कार्रवाई
इंदौर में अब पानी की बर्बादी करना लोगों को महंगा पड़ सकता है। शहर में लगातार बढ़ती जल समस्या और भविष्य में जल संकट को देखते हुए नगर निगम ने नई जल नीति तैयार की है। जिसका मुख्य उद्वेश्य शहर में पानी का संरक्षण करना, उपलब्ध जल संसाधनों का सही उपयोग करना और लोगों को पानी बचाने के प्रति जागरूक बनाना है। नगर निगम का मानना है कि पानी की प्रत्येक बूंद कीमती है और इसके अनावश्यक इस्तेमाल को रोकना जरूरी है। पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ अब जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

Indore Water Policy: अवैध कनेक्शन को वैध कराने 21 दिन का मौका
नगर निगम ने अवैध नल कनेक्शन वालो को वैध कराने के लिए 21 दिन का अवसर देने का निर्णय लिया है। महापौर के मुताबिक, यह प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होगी। इस अवधि में लोग अपने अवैध कनेक्शन को वैध करा सकेंगे। निर्धारित समय के बाद अवैध कनेक्शन मिलने पर नगर निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
Indore Water Policy: पहली बार नियम तोड़ने पर लगेगा 5 हजार का जुर्माना
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में नई जल नीति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। नगर निगम की प्राथमिकता लोगों को जागरूक करना है। इसके पहले लोगो को पानी बचाने और उसका सही इस्तेमाल करने की समझाइश दी। उन्होने कहा कि जागरूक करने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर पानी की बर्बादी करता है तो नियमों के उलंघन करने पर जुर्माने के रूप में कार्रवाई की जाएगी। पहली बार नियम तोड़ने पर व्यक्ति का 5 हजार रुपए का चालान बनाया जाएगा। इस कदम के जरिए नगर निगम लोगों को पानी के महत्व का एहसास कराना चाहता है।
Indore Water Policy: दूसरी और तीसरी गलती करने पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना
नगर निगम की प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार दूसरी बार पानी की बर्बादी करते हुए पकड़े जाने पर 10 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जाएगा। आपको बता दें कि तीसरी बार पानी बर्बाद करते हुए पकड़े गए तब भी 10 हजार रूपए का जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी इसी निर्धारित राशि के अनुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी। यानी पहली गलती पर 5 हजार रुपए और उसके बाद नियम तोड़ने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है।
Indore Water Policy: भविष्य में इंदौर को जल संकट से बचाने की तैयारी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि भविष्य में इंदौर को जल संकट से बचाने के लिए शहर की जल नीति लागू की गई है। इसमें पानी के संरक्षण, संवर्धन और सदुउपयोग के दिशा — निर्देश तय किए है। उन्होने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक की जल संरक्षण में भागीदारी हो। इसके लिए इंदौर में जल संरक्षण के लिए अभियान भी चलाये जाएगें। पानी की बर्बादी रोकना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। नई जल नीति के जरिए इंदौर को जल संरक्षण के मामले में एक जिम्मेदार और जागरूक शहर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से कई मौत हुई थी जिसके बाद से ही इंदौर नगर निगम समय सयम पर अभियान चलाकर लोगो को पानी की बर्बादी पर रोक लगाने के लिए जागरूक करता आ रहा है। भागीरथपुरा जैसी घटना इंदौर में अब दोबारा ना हो इससे निपटने के लिए नगर निगम पहले से अधिक नगर बनाए हुए है।


