India-US Relations: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि पड़ोसी देश से होने वाला आतंकवाद भारत की प्रमुख सुरक्षा चिंताओं में शामिल है। न्यूयॉर्क में एशिया सोसायटी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत ने लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है और यह मुद्दा देश की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
India-US Relations: सहयोगी देश चिंता नहीं समझे तो रिश्तों पर असर
जयशंकर ने भारत की आतंकवाद संबंधी चिंताओं और सहयोगी देशों के रुख को लेकर कहा कि यदि कोई साझेदार देश भारत की इस प्रमुख चिंता को पूरी तरह नहीं समझता है, तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल के समय में संपर्क और जुड़ाव बढ़ा है।
India-US Relations: भारत-अमेरिका संबंधों में कई मुद्दे चुनौती बने
विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के रास्ते में कई मुद्दे मौजूद हैं। इनमें सुरक्षा से जुड़े विषयों के साथ-साथ व्यापार और दोनों देशों की अलग-अलग प्राथमिकताएं भी शामिल हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन इसके लिए दोनों देशों को संवेदनशील मुद्दों पर वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखना होगा।
Glad to speak at @AsiaSociety at the end of the #UNHighLevelWeek. Thank @dannyrrussel for the conversation. Highlighted the following points:
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 29, 2026
✅ The difficult state of the world, with multiple conflicts and the 4F (food, fuel, fertiliser & finance) crisis.
✅ The paradox of… pic.twitter.com/KBiGHPwf1e
India-US Relations: रिश्तों को आगे बढ़ाने की भारत की उम्मीद
जयशंकर ने कहा कि भारत की इच्छा है कि अमेरिका के साथ उसके संबंध लगातार आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों को लेकर मतभेद हैं, उनमें प्रगति होने पर रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर आधार तैयार हो सकता है। उनके मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को लेकर उम्मीद बनी हुई है, लेकिन साथ ही मौजूदा चुनौतियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
India-US Relations: अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव का जिक्र
जयशंकर ने अमेरिका की विदेश नीति में आए बदलावों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका की ओर से भारत के लिए उपलब्ध विकल्पों को लेकर एक अलग सोच दिखाई देती थी। उस समय अमेरिका चाहता था कि भारत उसके साथ संबंधों पर ज्यादा ध्यान दे, जबकि खुद अमेरिका के पास कई अन्य विकल्प मौजूद थे। जयशंकर के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अब यह स्थिति बदल रही है और देश अलग-अलग साझेदारों के साथ समानांतर रूप से संबंध बना रहे हैं।
India-US Relations: देशों के बीच सीधे समझौतों पर बढ़ा जोर
विदेश मंत्री ने अमेरिकी व्यापार नीति में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका के साथ बातचीत में द्विपक्षीय यानी वन-टू-वन समझौतों पर अधिक जोर दिखाई दे रहा है। अलग-अलग देश अपने हितों के आधार पर एक-दूसरे के साथ बातचीत कर रहे हैं और समझौते कर रहे हैं।
India-US Relations: बहुध्रुवीय दुनिया की ओर बढ़ने की बात
जयशंकर ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को बहुध्रुवीयता की ओर बढ़ता हुआ बताया। उनके मुताबिक, दुनिया के कई देशों के पास अब अलग-अलग साझेदारियों और मंचों के साथ जुड़ने के विकल्प हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और एक-दूसरे पर निर्भरता के साथ-साथ बदलते वैश्विक समीकरणों का भी जिक्र किया।
India-US Relations: दुनिया के सामने खाद्य, ईंधन और वित्त जैसी चुनौतियां
एशिया सोसायटी के कार्यक्रम में जयशंकर ने वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े कई विषयों पर विचार रखे। उन्होंने दुनिया में जारी विभिन्न संघर्षों और आर्थिक दबावों के बीच खाद्य, ईंधन, उर्वरक और वित्त से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में देशों के सामने एक साथ कई तरह की समस्याएं हैं।
India-US Relations: वैश्विक प्रतिस्पर्धा और आपसी निर्भरता का विरोधाभास
विदेश मंत्री ने दुनिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और देशों की एक-दूसरे पर निर्भरता को भी रेखांकित किया। एक ओर देश रणनीतिक और आर्थिक स्तर पर अपने हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और आपूर्ति श्रृंखलाओं के कारण उनके बीच परस्पर निर्भरता बनी हुई है।
India-US Relations: भारत-अमेरिका संबंधों में आतंकवाद का मुद्दा अहम
जयशंकर की टिप्पणियों से यह स्पष्ट है कि आतंकवाद का मुद्दा भारत-अमेरिका संबंधों में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विषय बना हुआ है। भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद को अपनी प्रमुख सुरक्षा चिंताओं में रखता है। ऐसे में वॉशिंगटन की पाकिस्तान नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर उसके रुख का भारत-अमेरिका संबंधों पर प्रभाव पड़ना एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक विषय बना हुआ है।
India-US Relations: बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की कूटनीति
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत एक साथ कई देशों और बहुपक्षीय मंचों के साथ संबंध बनाए हुए है। एशिया सोसायटी के हालिया विश्लेषणों में भी भारत की अलग-अलग साझेदारियों के बीच संतुलन और विविधीकरण की नीति पर चर्चा की गई है।


