BY: Yoganand Shrivastva
New York Apartment Rent अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में मकान किराए पर लेना कितना महंगा हो सकता है, इसका एक उदाहरण इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। न्यूयॉर्क में रहने वाली भारतीय कंटेंट क्रिएटर खुशी जैन ने दावा किया है कि मैनहट्टन इलाके में दो बेडरूम वाले फ्लैट का किराया करीब 10 लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता है। उनके इस बयान के बाद इंटरनेट पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई है।
मैनहट्टन में घर तलाशना पड़ा महंगा
New York Apartment Rent फाइनेंशियल कंटेंट क्रिएटर शरण हेगड़े के साथ बातचीत में खुशी जैन ने बताया कि उन्होंने मैनहट्टन में सुविधाओं वाले कई अपार्टमेंट देखे, लेकिन अधिकांश जगहों पर दो बेडरूम वाले फ्लैट का किराया करीब 10 हजार डॉलर प्रतिमाह था। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 10 लाख रुपये के बराबर बैठती है।
New York Apartment Rent खुशी के अनुसार, लंबे समय तक तलाश करने के बाद भी उन्हें अपेक्षाकृत कम किराए वाला उपयुक्त फ्लैट नहीं मिला, जिसके चलते उन्होंने मैनहट्टन के बाहर रहने का विकल्प चुना।
शहर के बाहरी इलाकों में कम है किराया
New York Apartment Rent खुशी जैन ने बताया कि ब्रुकलिन, क्वींस और एस्टोरिया जैसे इलाकों में किराया अपेक्षाकृत कम है। इन क्षेत्रों में दो बेडरूम वाले फ्लैट करीब 5 से 6 हजार डॉलर प्रतिमाह में मिल सकते हैं। भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग 4 से 5 लाख रुपये प्रतिमाह के बराबर है।
उनका कहना है कि न्यूयॉर्क में एक दंपती का वार्षिक जीवन-यापन खर्च लगभग 95 लाख रुपये से लेकर 1.14 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
New York Apartment Rent वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि न्यूयॉर्क में इतने महंगे किराए वाले अपार्टमेंट मौजूद हैं, जबकि कई लोगों ने दावा किया कि शहर में इससे कम किराए पर भी अच्छे मकान उपलब्ध हैं।
कई यूजर्स ने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क जैसे शहरों में लोग अक्सर रूममेट या पार्टनर के साथ रहकर खर्च साझा करते हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि भारत और अमेरिका की आय तथा जीवन-यापन लागत में बड़ा अंतर होने के कारण दोनों की सीधी तुलना करना उचित नहीं है।
सोशल मीडिया पर जारी इस बहस ने एक बार फिर दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शामिल न्यूयॉर्क की ऊंची आवासीय लागत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


