Iran US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पश्चिम एशिया में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उनका देश किसी भी तरह की दादागिरी और अहंकार के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
अमेरिका और इजरायल को पेज़ेशकियन का कड़ा संदेश
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शुक्रवार को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ सख्त रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि ईरान बाहरी दबाव में आकर अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा हुआ है और दोनों पक्षों की ओर से लगातार तीखे बयान सामने आ रहे हैं।
पेज़ेशकियन ने संकेत दिया कि ईरान किसी भी तरह के दबाव या धमकी के आगे अपनी नीति बदलने वाला नहीं है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Iran US Conflict: अमेरिका ने दूसरे देशों को भी दी चेतावनी
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उनसे भारत और ईरान के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में रुबियो ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दोनों देशों के बीच किसी व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है।
रुबियो ने इसी दौरान दूसरे देशों को भी चेतावनी दी कि वे ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करने की कोशिश न करें। अमेरिका की ओर से यह संदेश ऐसे समय आया है, जब ईरान के साथ उसके संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रतिबंधों को लेकर भी दोनों देशों के बीच टकराव जारी है।
Iran US Conflict: ईरान ने अमेरिकी जहाजों और तेल टैंकरों को लेकर किया दावा
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से भी बड़ा दावा सामने आया है। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के दो जहाजों को डुबो दिया है। इसके अलावा ईरान ने अमेरिका से जुड़े आठ तेल टैंकरों को भी नष्ट करने की बात कही है।
इससे पहले अमेरिकी सेना की ओर से पांच ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किए जाने की बात सामने आई थी। इन हमलों के दौरान बड़ी मात्रा में कच्चा तेल जलने का भी दावा किया गया था। हालांकि, दोनों पक्षों के दावों के बीच जमीनी स्थिति को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है।
Iran US Conflict: ट्रंप ने बताया, कब खत्म हो सकता है ईरान के साथ युद्ध
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध अमेरिका के मिडटर्म चुनावों के ठीक बाद खत्म हो सकता है।
ट्रंप के मुताबिक ईरान अब पहले की तुलना में कमजोर स्थिति में है, लेकिन इसके बावजूद वह लड़ाई जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ईरान गंभीर संकट से गुजर रहा है और संभव है कि वह अमेरिका में होने वाले राजनीतिक बदलाव का इंतजार कर रहा हो।
Iran US Conflict: ट्रंप का दावा- ईरान अब कमजोर हो चुका है
ट्रंप ने ईरान की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद संघर्ष जारी रखे हुए है। उनका दावा है कि ईरान कमजोर हो चुका है, लेकिन वह अमेरिका के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रख रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से यह संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य टकराव के साथ-साथ राजनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है या संघर्ष और लंबा खिंचता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
Iran US Conflict: होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अब अमेरिका का नियंत्रण है। होर्मुज की रणनीतिक और आर्थिक अहमियत को देखते हुए ट्रंप का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप ने ईरानी शासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट नहीं किया जाता, तो उसके परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की आशंका थी। उन्होंने दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका ने बी-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया।
Iran US Conflict: परमाणु समझौते पर भी ट्रंप ने साधा निशाना
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था। उनके मुताबिक ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा टकराव में परमाणु कार्यक्रम सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक है। एक तरफ ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा करने की बात कर रहा है, वहीं अमेरिका ईरान की परमाणु क्षमताओं को लेकर लगातार चिंता जताता रहा है। ऐसे में पेज़ेशकियन और ट्रंप के ताजा बयानों ने पश्चिम एशिया के तनाव को और सुर्खियों में ला दिया है।


