Afghanistan: भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं। सोमवार की सुबह भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में धरती हिलने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 दर्ज की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप के कारण अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
अफगानिस्तान भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में सुबह के समय भूकंप के झटके महसूस होने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में चिंता बढ़ गई। भूकंप की गहराई अधिक होने के कारण इसके प्रभाव को लेकर फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।
Afghanistan: सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर आया भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान में भूकंप सोमवार सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 130 किलोमीटर नीचे बताया गया है।
भूकंप की गहराई को देखते हुए फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, भूकंप के झटकों के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई है और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
Afghanistan: इससे पहले भी अफगानिस्तान में महसूस हुए थे झटके
अफगानिस्तान में इससे पहले भी भूकंप की गतिविधियां सामने आती रही हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 14 अगस्त को भी देश में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे। लगातार भूकंपीय गतिविधियों के कारण अफगानिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भूकंप को लेकर चिंता बनी रहती है।
Afghanistan: म्यांमार में भी तड़के आया भूकंप
अफगानिस्तान के अलावा भारत के एक अन्य पड़ोसी देश म्यांमार में भी सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, म्यांमार में भूकंप रात 2 बजकर 50 मिनट पर आया।
इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.9 दर्ज की गई। इसका केंद्र जमीन की सतह से करीब 89 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में म्यांमार में भी इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की बात सामने नहीं आई है।
Afghanistan: नेपाल में भी आया था भूकंप
भारत के पड़ोसी नेपाल में भी हाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.8 दर्ज की गई थी।
यह भूकंप शाम 6 बजकर 59 मिनट पर आया था और इसका केंद्र जमीन के भीतर करीब 20 किलोमीटर की गहराई में बताया गया था। नेपाल में आए इस भूकंप के बारे में भी उपलब्ध जानकारी में किसी बड़े नुकसान का उल्लेख नहीं है।
Afghanistan: टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से आते हैं भूकंप
भूकंप की मुख्य वजह धरती की सतह के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि होती है। पृथ्वी की ऊपरी परत कई बड़ी और छोटी प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से एक-दूसरे के सापेक्ष खिसकती रहती हैं।
जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से रगड़ती हैं या उनके बीच अचानक हलचल होती है, तो जमीन के भीतर लंबे समय से जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकल सकती है। इसी ऊर्जा के कारण धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है और लोगों को भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
Afghanistan: भूकंप के बाद क्यों बढ़ जाता है डर
भूकंप की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके आने का सटीक समय पहले से बताना बेहद कठिन होता है। झटकों की तीव्रता और भूकंप की गहराई के आधार पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। कम तीव्रता वाले भूकंप कई बार केवल हल्के झटकों के रूप में महसूस होते हैं, जबकि अधिक शक्तिशाली भूकंप बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अफगानिस्तान, म्यांमार और नेपाल जैसे क्षेत्रों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होने के कारण स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत रहती है। हालांकि, सोमवार को अफगानिस्तान में आए 4.1 तीव्रता के भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।


