Hi Movie Review : काविन और नयनतारा की मुख्य भूमिकाओं वाली तमिल फिल्म Hi एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी है। फिल्म में हंसी-मजाक, प्यार, पारिवारिक उलझनें और कुछ संवेदनशील पल देखने को मिलते हैं। हालांकि, कई अच्छे आइडिया होने के बावजूद फिल्म उन्हें पूरी गहराई से पर्दे पर नहीं उतार पाती।
निर्देशक और गीतकार विष्णु एडवन ने Hi के जरिए एक ऐसी प्रेम कहानी पेश करने की कोशिश की है, जिसमें दो ऐसे लोग मिलते हैं जो अपने परिवार और परिस्थितियों से बचकर अपनी जिंदगी खुद तय करना चाहते हैं। फिल्म का ट्रीटमेंट आसान और मनोरंजक है, लेकिन यही सादगी कई जगह इसकी सबसे बड़ी कमजोरी भी बन जाती है।
Hi Movie Review : क्या है Hi की कहानी?
फिल्म का मुख्य किरदार मयिलसामी यानी MS, जिसे काविन ने निभाया है। कोयंबटूर का रहने वाला MS सीधा-सादा और कुछ हद तक मासूम युवक है। प्यार के मामले में उसे लगातार निराशा मिली है। दूसरी ओर उसका परिवार चाहता है कि अब वह शादी कर ले।
MS की इच्छा है कि पहले उसे प्यार मिले और फिर वह शादी करे। अरेंज मैरिज के दबाव से परेशान होकर वह घर छोड़ देता है और परिवार से कह देता है कि उसे ढूंढने की कोशिश न की जाए।

कहानी का दूसरा अहम किरदार देवयानी है, जिसका रोल नयनतारा ने निभाया है। देवयानी की जिंदगी MS से कहीं ज्यादा मुश्किल है। उसके परिवार की ओर से उसकी शादी ऐसे व्यक्ति से कराने की कोशिश की जा रही है, जिसके साथ वह अपनी जिंदगी नहीं बिताना चाहती। परिवार की परिस्थितियों और पैसों से जुड़े फैसले के बीच देवयानी भी घर छोड़ने का फैसला करती है।
दोनों की मुलाकात चेन्नई में होती है। शुरुआत में उनके बीच दोस्ती होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदलने लगता है। इसके बाद कहानी परिवार, झूठ, गलतफहमियों और रिश्तों की उलझनों के बीच आगे बढ़ती है।
Hi Movie Review : प्यार से शुरू होकर कॉमेडी ऑफ एरर्स तक पहुंचती है कहानी
Hi का पहला हिस्सा एक सामान्य रोमांटिक कॉमेडी जैसा महसूस होता है, लेकिन आगे बढ़ने के साथ फिल्म का फोकस पारिवारिक मनोरंजन पर ज्यादा हो जाता है।
MS और देवयानी अपने परिवारों से कुछ बातें छिपाने के लिए जो झूठ बोलते हैं, वही आगे चलकर नई-नई परेशानियों को जन्म देते हैं। एक झूठ को संभालने के लिए दूसरा झूठ बोलना पड़ता है और धीरे-धीरे हालात हास्यास्पद होते जाते हैं।
फिल्म में कई किरदार जोड़े गए हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम को और मजेदार बनाने की कोशिश करते हैं। K Bhagyaraj, Radikaa Sarathkumar, Prabhu, Sathyan, Aditya Kathir और Amrutha Srinivasan जैसे कलाकार कहानी को सपोर्ट करते हैं।
कुछ कॉमेडी सीक्वेंस प्रभाव छोड़ते हैं, जबकि कुछ मौकों पर फिल्म का हास्य उतना असरदार नहीं लगता। फिल्म का एक दिलचस्प पहलू वह पाकिस्तानी लवर वाला ट्रैक भी है, जो कहानी में अप्रत्याशित मोड़ लेकर आता है।
Hi Movie Review : काविन और नयनतारा की केमिस्ट्री कैसी है?
फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक काविन और नयनतारा की जोड़ी है। दोनों कलाकार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग व्यक्तित्व वाले किरदार निभाते हैं और इसी वजह से उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री देखने लायक बनती है।
काविन ने MS के भोलेपन, असमंजस और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को सहज तरीके से निभाया है। उनके एक्सप्रेशन और कॉमिक टाइमिंग किरदार के साथ अच्छी तरह मेल खाते हैं।
नयनतारा का देवयानी वाला किरदार भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत है। खासकर गंभीर और इमोशनल दृश्यों में वह प्रभाव छोड़ती हैं। देवयानी सिर्फ प्रेम कहानी का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह अपने फैसले खुद लेने वाली महिला के रूप में भी सामने आती है।
Hi Movie Review : फिल्म का संवेदनशील पक्ष भी मजबूत
फिल्म में एक ऐसा हिस्सा है जहां देवयानी MS को उसके उस गुस्से पर सोचने के लिए मजबूर करती है, जो उसे एक लड़की द्वारा प्रेम प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद महसूस होता है।
यह हिस्सा फिल्म की कहानी से आगे जाकर एक सामाजिक संदेश देता है। किसी व्यक्ति द्वारा प्रेम प्रस्ताव स्वीकार न करना उसके खिलाफ गुस्से या हिंसा का आधार नहीं हो सकता। इस विषय को फिल्म बहुत भारी-भरकम तरीके से नहीं, बल्कि सामान्य संवादों के जरिए सामने रखती है।
यही फिल्म के उन हिस्सों में से एक है जहां Hi अपनी सामान्य कॉमेडी से हटकर ज्यादा संवेदनशील नजर आती है।
Hi Movie Review : सपोर्टिंग कास्ट ने बढ़ाया मनोरंजन
फिल्म में कई सहायक कलाकार हैं और लगभग सभी को कहानी में किसी न किसी तरह इस्तेमाल किया गया है। K Bhagyaraj के वन-लाइनर्स कई जगह पुरानी तमिल कॉमेडी की याद दिलाते हैं।
Prabhu को देवयानी के पिता के रूप में एक ऐसा किरदार मिला है जिसमें आगे चलकर बदलाव देखने को मिलता है। उनका ट्रैक फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूती देता है।
Radikaa Sarathkumar का किरदार अपेक्षाकृत जाना-पहचाना पारिवारिक मां वाला रोल लगता है। इसके बावजूद पूरी स्टारकास्ट फिल्म के माहौल को हल्का और मनोरंजक बनाए रखने में मदद करती है।
Hi Movie Review : सिनेमैटोग्राफी और म्यूजिक फिल्म की ताकत
Hi को खूबसूरत बनाने में सिनेमैटोग्राफी का बड़ा योगदान है। Leon Britto और Rajesh Shukla का कैमरा फिल्म के हल्के-फुल्के मूड के अनुरूप विजुअल्स तैयार करता है।
Jen Martin का संगीत भी फिल्म की कहानी के साथ अच्छी तरह बैठता है। खासतौर पर ‘Rasagulla’ गाना और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के रोमांटिक और फ्रेश माहौल को सपोर्ट करते हैं।
Hi Movie Review : कहां कमजोर पड़ती है Hi?
फिल्म की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसमें कई अच्छे आइडिया मौजूद हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह विकसित नहीं किया गया।
MS और उसके परिवार से जुड़ी परिस्थितियां हों या देवयानी और उसके माता-पिता के बीच का तनाव, इन सभी में ज्यादा गहराई की गुंजाइश थी। कुछ सवाल कहानी के अंत तक पूरी तरह संतोषजनक ढंग से हल नहीं होते।
दूसरी समस्या कॉमेडी की निरंतरता है। जहां कुछ सीन स्वाभाविक रूप से हंसाते हैं, वहीं कुछ मजाक अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ते।
फिल्म जानबूझकर कहानी को बहुत बड़े संघर्ष या गंभीर ड्रामे में नहीं बदलती। इसका फायदा यह है कि Hi बोझिल नहीं लगती, लेकिन नुकसान यह है कि दर्शक इससे कोई बहुत गहरा भावनात्मक जुड़ाव भी महसूस नहीं कर पाता।
Hi Movie Review : देखें या नहीं?
अगर आप ऐसी रोमांटिक फिल्म देखना पसंद करते हैं जिसमें बहुत ज्यादा तनाव या भारी-भरकम ड्रामा न हो, तो Hi आपको पसंद आ सकती है। काविन और नयनतारा की जोड़ी, कुछ मजेदार परिस्थितियां, अच्छा संगीत और पारिवारिक मनोरंजन फिल्म को देखने लायक बनाते हैं।
लेकिन अगर आप एक ऐसी रोमांटिक कहानी की उम्मीद कर रहे हैं जो लंबे समय तक याद रहे, तो Hi शायद उस स्तर तक नहीं पहुंचती।
कुल मिलाकर, Hi एक हल्की, सहज और कभी-कभी मजेदार रोमांटिक कॉमेडी है। फिल्म में क्षमता नजर आती है, लेकिन कई मौकों पर यह अपनी कहानी को और आगे ले जाने के बजाय सुरक्षित रास्ता चुन लेती है। यही वजह है कि फिल्म देखते समय अच्छी लगती है, लेकिन सिनेमाघर से बाहर आने के बाद इसकी याद ज्यादा देर तक नहीं टिकती।
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