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Onion Price Hike: प्याज ने बिगाड़ा किचन का बजट, क्यों अचानक बढ़े दाम? जानिए कब मिलेगी राहत

Onion Price Hike

BY: Yoganand Shrivastva

Onion Price Hike त्योहारों से पहले प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। देश के कई हिस्सों में प्याज के दाम तेजी से ऊपर गए हैं। दिल्ली जैसे बड़े बाजारों में खुदरा कीमतें 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है। सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने बफर स्टॉक को बाजार में उतारने के साथ-साथ विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की आपूर्ति बढ़ाने की पहल की है।

पुराना स्टॉक खत्म होना बनी बड़ी वजह

Onion Price Hike प्याज की मौजूदा महंगाई के पीछे सबसे बड़ी वजह मांग में अचानक उछाल नहीं, बल्कि रबी सीजन के पुराने स्टॉक का कम होना है। मार्च-अप्रैल में आने वाली रबी प्याज कई महीनों तक बाजार की जरूरत पूरी करती है। अब यह स्टॉक धीरे-धीरे खत्म हो रहा है, जबकि नई खरीफ फसल की पर्याप्त आवक अभी शुरू नहीं हुई है।

Onion Price Hike उपभोक्ता मामलों के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अगस्त को प्याज की राष्ट्रीय औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये प्रति किलो रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत अधिक है। दिल्ली में कीमतें इससे भी ऊपर पहुंच गई हैं।

बारिश और खरीफ फसल में देरी का असर

Onion Price Hike इस साल महाराष्ट्र में मार्च-अप्रैल के दौरान बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने प्याज की फसल और भंडारित स्टॉक को प्रभावित किया। इसके अलावा कुछ इलाकों में स्टोर की गई प्याज की गुणवत्ता खराब होने से बाजार में उपलब्ध अच्छी क्वालिटी के माल पर दबाव बढ़ा।

वहीं, मानसून में देरी के कारण महाराष्ट्र में खरीफ प्याज की बुआई प्रभावित होने की बात सामने आई है। इससे नई फसल की बाजार में आवक देर से होने की आशंका है। ऐसे में अगले कुछ सप्ताह प्याज की कीमतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

सरकार ने शुरू की ‘कांदा एक्सप्रेस’

Onion Price Hike बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल कर रही है। नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे बड़े खपत केंद्रों तक प्याज पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने की पहल की गई है।

सरकार खुले बाजार में भी बफर स्टॉक का प्याज उतार रही है, ताकि जिन शहरों में कीमतें ज्यादा हैं वहां आपूर्ति बढ़ाई जा सके। हालांकि, आने वाले दिनों में राहत कितनी मिलेगी, यह नई खरीफ फसल की आवक और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर-अक्टूबर के दौरान प्याज की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। अगर नई फसल समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ बाजार में पहुंचती है तो कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, बारिश या उत्पादन से जुड़ी कोई नई परेशानी सामने आई तो दाम फिर बढ़ सकते हैं

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