BY: Yoganand Shrivastva
Sugar Price Hike त्योहारी सीजन से पहले देशभर में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। वर्ष की शुरुआत में जहां चीनी उत्पादन और स्टॉक को लेकर बेहतर स्थिति की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। सरकार और उद्योग जगत का कहना है कि उत्पादन में कमी और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण यह स्थिति बनी है।

उत्पादन अनुमान घटने से बदला पूरा समीकरण
Sugar Price Hike चीनी सीजन 2025-26 की शुरुआत में देश में रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना जताई गई थी। शुरुआती अनुमान के अनुसार उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक रहने वाला था। इसी आधार पर चीनी निर्यात को भी मंजूरी दी गई थी। लेकिन बाद में कई राज्यों में उत्पादन अनुमान लगातार कम होते गए, जिससे बाजार का संतुलन प्रभावित हुआ।

महाराष्ट्र और कर्नाटक में कम पैदावार का असर
Sugar Price Hike देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में मौसम संबंधी समस्याओं और फसल रोगों ने उत्पादन पर असर डाला। अधिक बारिश, जलभराव और गन्ने में विभिन्न बीमारियों के कारण चीनी उत्पादन अपेक्षा से कम रहा। इसके चलते घरेलू बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी और कीमतों पर दबाव दिखाई देने लगा।
कीमतें बढ़ने पर सरकार ने उठाए कदम
Sugar Price Hike बाजार में चीनी के दाम बढ़ने के बाद सरकार ने कई कदम उठाए हैं। बड़े खरीदारों के लिए स्टॉक सीमा को सख्त किया गया है ताकि जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके। साथ ही घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए चीनी आयात को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का दावा है कि देश में फिलहाल जरूरत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आने वाले महीनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।




