Khabar hatke: भारत में अलग-अलग राज्यों की सीमाएं आम तौर पर नक्शे और जमीन के स्तर पर दिखाई देती हैं, लेकिन महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा पर एक ऐसा घर है जहां राज्य की सीमा सीधे घर के अंदर से गुजरती है। इस वजह से एक ही परिवार के घर के कुछ कमरे महाराष्ट्र में हैं, जबकि बाकी हिस्सा तेलंगाना में आता है।
यह अनोखा घर महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले की जिवती तहसील के सीमावर्ती महाराजगुडा गांव में बताया जाता है। यहां पवार परिवार कई वर्षों से रह रहा है। परिवार के मुताबिक घर का एक हिस्सा महाराष्ट्र और दूसरा हिस्सा तेलंगाना में होने के बावजूद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य तरीके से चल रही है।
Khabar hatke: घर के बीच से गुजरती है दो राज्यों की सीमा
पवार परिवार के घर में करीब 8 से 10 कमरे बताए जाते हैं। इनमें लगभग चार कमरे महाराष्ट्र की सीमा में आते हैं, जबकि चार कमरे तेलंगाना के हिस्से में हैं। घर का हॉल और कुछ बेडरूम महाराष्ट्र की तरफ हैं, वहीं रसोई समेत कुछ अन्य कमरे तेलंगाना की सीमा में पड़ते हैं।
इसका मतलब यह है कि परिवार के सदस्य एक ही घर में रहते हुए दो अलग-अलग राज्यों की सीमा के भीतर आते-जाते रहते हैं। घर की बनावट ही इस जगह को दूसरे घरों से अलग बनाती है।
Khabar hatke: 1969 के सर्वे में हुआ था सीमा का निर्धारण
इस घर की अनोखी स्थिति का संबंध वर्ष 1969 में हुए सीमा सर्वे से बताया जाता है। उस समय महाराष्ट्र और तत्कालीन आंध्र प्रदेश के बीच सीमा से जुड़े मामलों को लेकर सर्वे और सीमांकन की प्रक्रिया हुई थी। बाद में आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना एक अलग राज्य बना।
इसी सीमांकन के दौरान पवार परिवार की जमीन और घर भी सीमा के अलग-अलग हिस्सों में आ गए। अधिकारियों के निर्धारण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि घर का एक भाग महाराष्ट्र में और दूसरा भाग तत्कालीन आंध्र प्रदेश की सीमा में है।
समय के साथ राज्य का पुनर्गठन हुआ और तेलंगाना अलग राज्य बन गया, लेकिन घर की स्थिति वैसी ही बनी रही। आज भी राज्य की सीमा घर के भीतर से गुजरती है।
Khabar hatke: एक तरफ रसोई तो दूसरी तरफ बेडरूम
इस घर की सबसे दिलचस्प बात इसकी रोजमर्रा की व्यवस्था है। परिवार की रसोई तेलंगाना वाले हिस्से में है, जबकि सोने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई कमरे महाराष्ट्र की सीमा में आते हैं।
परिवार के लिए इसका मतलब यह है कि खाना बनाने और खाने के बाद उन्हें घर के दूसरे हिस्से में जाना पड़ सकता है। हालांकि वर्षों से इसी तरह रहने के कारण यह व्यवस्था अब उनके लिए सामान्य हो चुकी है।
Khabar hatke: एक ही घर में रहते हैं 12 से 13 लोग
पवार परिवार में करीब 12 से 13 सदस्य रहते हैं। घर के मालिक उत्तम पवार और उनके भाई चंदू पवार बताए जाते हैं। परिवार का कहना है कि राज्य की सीमा घर के बीच से गुजरने के बावजूद उन्हें रोजमर्रा के जीवन में कोई बड़ी परेशानी नहीं होती।
घर में परिवार के सदस्य अपनी जरूरत के मुताबिक दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करते हैं। किसी के लिए महाराष्ट्र वाला हिस्सा महत्वपूर्ण है तो किसी काम के लिए तेलंगाना वाला हिस्सा उपयोग में आता है।
Khabar hatke: दोनों राज्यों की पंचायतों को देते हैं टैक्स
परिवार के मुताबिक घर दो राज्यों में होने के कारण उन्हें दोनों तरफ की स्थानीय व्यवस्थाओं से जुड़ना पड़ता है। बताया जाता है कि परिवार दोनों राज्यों की ग्राम पंचायतों को टैक्स देता है।
इसके अलावा परिवार को महाराष्ट्र और तेलंगाना, दोनों राज्यों की कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता है। परिवार के अनुसार तेलंगाना की योजनाओं से उन्हें अपेक्षाकृत अधिक फायदा मिला है।
Khabar hatke: घर में MH और TS दोनों राज्यों के वाहन
पवार परिवार की जिंदगी में दोनों राज्यों की मौजूदगी सिर्फ घर तक सीमित नहीं है। परिवार के वाहनों पर महाराष्ट्र और तेलंगाना, दोनों राज्यों के रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाई देते हैं।
कुछ वाहनों पर महाराष्ट्र का MH रजिस्ट्रेशन है तो कुछ पर तेलंगाना का TS नंबर बताया जाता है। इस वजह से परिवार का जीवन दोनों राज्यों से जुड़ा हुआ है।
Khabar hatke: परिवार को नहीं होती सीमा की खास परेशानी
आम तौर पर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए सीमा पार करनी पड़ती है, लेकिन इस परिवार के लिए राज्य की सीमा उनके घर के भीतर ही मौजूद है। इसके बावजूद परिवार का कहना है कि उन्हें इसे लेकर कोई बड़ी परेशानी नहीं होती।
पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का इस्तेमाल भी घर की स्थिति के मुताबिक होता है। स्कूल, अस्पताल या दूसरे सरकारी कामों के लिए परिवार को दोनों राज्यों की व्यवस्थाओं से संपर्क करना पड़ सकता है।
Khabar hatke: दोनों राज्यों से जुड़ा है गांव का इतिहास
महाराजगुडा गांव महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा के करीब स्थित है। यह क्षेत्र लंबे समय से दोनों राज्यों की सीमा और उससे जुड़े प्रशासनिक मामलों के कारण चर्चा में रहा है।
बताया जाता है कि सीमा क्षेत्र के करीब 14 गांवों को लेकर महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच अलग-अलग समय में विवाद की स्थिति रही है। ऐसे माहौल में किसी घर का सीधे दो राज्यों में बंटा होना अपने आप में बेहद असामान्य स्थिति है।
Khabar hatke: घर की दीवारों से समझ आती है सीमा की कहानी
सीमा सर्वे के बाद घर के अंदर राज्य की सीमा को चिन्हित करने के लिए निशान लगाए जाने की बात भी सामने आती रही है। कुछ तस्वीरों और रिपोर्टों में घर की दीवार पर सीमा से जुड़े निशान दिखाई देने का उल्लेख किया गया है।
इस तरह घर की दीवार, कमरे और रसोई तक यह बता देते हैं कि परिवार का कौन सा हिस्सा महाराष्ट्र में है और कौन सा तेलंगाना में।
Khabar hatke: एक घर में दो राज्यों की व्यवस्था
पवार परिवार के लिए यह स्थिति अब किसी असाधारण घटना जैसी नहीं रह गई है। वर्षों से वे इसी घर में रहते हुए दोनों राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ तालमेल बनाकर अपना जीवन चला रहे हैं।
जहां एक तरफ यह घर महाराष्ट्र और तेलंगाना के सीमा इतिहास की अनोखी तस्वीर पेश करता है, वहीं दूसरी तरफ यह भी दिखाता है कि प्रशासनिक सीमाएं किस तरह कभी-कभी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। परिवार दोनों राज्यों के नियमों और व्यवस्थाओं के साथ शांतिपूर्वक जीवन बिता रहा है।
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