BY: Yoganand Shrivastva
Himachal Monsoon Damage हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं बाधित हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 23 अगस्त सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 149 सड़कें बंद, 60 बिजली ट्रांसफार्मर और 35 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद, कई जिलों में हालात खराब
Himachal Monsoon Damage बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 86 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 31, शिमला में 10, चंबा और कांगड़ा में 8-8 तथा ऊना में 4 सड़कें बंद हैं। बिलासपुर और लाहौल-स्पीति में भी एक-एक सड़क प्रभावित है।
बिजली व्यवस्था में मंडी के 25 और चंबा के 20 ट्रांसफार्मर बाधित हैं। वहीं पेयजल योजनाओं में हमीरपुर सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 30 योजनाएं बंद हैं।
मानसून में 224 लोगों की मौत
Himachal Monsoon Damage 30 जून से 22 अगस्त तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में मानसून के दौरान 224 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 330 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति अभी लापता है। इनमें 91 मौतें बाढ़, भूस्खलन, डूबने और पत्थर गिरने जैसी आपदाओं से जुड़ी हैं, जबकि 133 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है।
मानसून की तबाही का असर पशुधन पर भी पड़ा है और रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 441 पशुओं की मौत दर्ज की गई है।
एक रात में 51 सड़कें और बंद, 1,121 करोड़ का नुकसान
Himachal Monsoon Damage 22 अगस्त शाम को प्रदेश में 98 सड़कें बंद थीं, लेकिन 23 अगस्त सुबह तक यह संख्या बढ़कर 149 हो गई। यानी महज एक रात में 51 और सड़कें बंद हो गईं। हालांकि बिजली ट्रांसफार्मर और प्रभावित पेयजल योजनाओं की संख्या में कुछ कमी आई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हिमाचल को मानसून से अब तक करीब 1,121.30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मकानों, दुकानों, गौशालाओं और अन्य सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है।




