Aaj ka Panchang: समय को लेकर भारतीय ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में विशेष मान्यता है। किसी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत शुभ समय में करने से काम के सफल होने की संभावना बेहतर मानी जाती है। वहीं राहुकाल जैसे अशुभ माने जाने वाले समय में नए कार्य शुरू करने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
23 अगस्त 2026 को रविवार के साथ एकादशी तिथि का संयोग है। इस दिन भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होने के कारण अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का समय भी कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। ऐसे में अपने शहर के अनुसार समय देखना अधिक उपयोगी रहेगा।
23 अगस्त 2026 का पंचांग और प्रमुख मुहूर्त
रविवार, 23 अगस्त 2026 को शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। धार्मिक मान्यताओं में इस एकादशी को पवित्रा एकादशी और पुत्रदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
देश की राजधानी दिल्ली के अनुसार 23 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:58 बजे से 12:49 बजे तक रहेगा। इस अवधि को नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
वहीं राहुकाल शाम 5:12 बजे से 6:49 बजे तक रहेगा। इस अवधि में नए काम की शुरुआत, बड़े आर्थिक फैसले या महत्वपूर्ण लेन-देन से बचने की सलाह दी जाती है।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:27 बजे से 5:11 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष माना जाता है।
23 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त में क्या कर सकते हैं
अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समयों में शामिल किया जाता है। इस अवधि में नए काम की शुरुआत, महत्वपूर्ण कारोबारी निर्णय, दुकान या संस्थान से जुड़ा शुभ कार्य, जरूरी समझौता और अन्य मांगलिक गतिविधियां की जा सकती हैं।
नई गाड़ी या सामान की डिलीवरी लेने जैसे कार्यों के लिए भी इस समय को शुभ माना जाता है। हालांकि विवाह, गृह प्रवेश जैसे विशेष संस्कारों के लिए केवल अभिजीत मुहूर्त के आधार पर निर्णय लेने के बजाय संबंधित संपूर्ण पंचांग देखना उचित रहता है।
23 अगस्त को राहुकाल में किन कामों से बचें
रविवार को राहुकाल शाम के समय रहेगा। इस दौरान परंपरागत ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार नया कारोबार शुरू करने, बड़ी खरीदारी करने, संपत्ति या वाहन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने और बड़े वित्तीय लेन-देन से बचने की सलाह दी जाती है।
अगर किसी कारण से राहुकाल के दौरान यात्रा या जरूरी काम करना ही पड़े, तो अपने इष्ट देव का स्मरण करके और सूर्य देव का ध्यान करके कार्य शुरू करने की धार्मिक परंपरा है।
50 प्रमुख शहरों में 23 अगस्त का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
शहर के भौगोलिक स्थान और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय में अंतर के कारण मुहूर्त अलग-अलग हो सकता है। नीचे प्रमुख शहरों के लिए दिए गए समय के अनुसार अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल इस प्रकार हैं:
| शहर | अभिजीत मुहूर्त | राहुकाल |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 11:58 AM–12:49 PM | 5:12–6:49 PM |
| मुंबई | 12:14–1:05 PM | 5:29–7:04 PM |
| बेंगलुरु | 12:00–12:50 PM | 5:14–6:48 PM |
| कोलकाता | 11:15 AM–12:05 PM | 4:31–6:07 PM |
| चेन्नई | 11:50 AM–12:40 PM | 5:04–6:38 PM |
| हैदराबाद | 11:56 AM–12:46 PM | 5:06–6:40 PM |
| अहमदाबाद | 12:18–1:09 PM | 5:29–7:04 PM |
| पुणे | 12:11–1:02 PM | 5:26–7:01 PM |
| जयपुर | 12:05–12:56 PM | 5:18–6:54 PM |
| लखनऊ | 11:45 AM–12:36 PM | 4:57–6:33 PM |
| सूरत | 12:15–1:06 PM | 5:28–7:03 PM |
| कानपुर | 11:47 AM–12:38 PM | 4:59–6:35 PM |
| नागपुर | 11:54 AM–12:45 PM | 5:00–6:35 PM |
| विशाखापत्तनम | 11:40 AM–12:30 PM | 4:45–6:19 PM |
| इंदौर | 12:07–12:58 PM | 5:19–6:54 PM |
| ठाणे | 12:14–1:05 PM | 5:28–7:03 PM |
| भोपाल | 12:01–12:52 PM | 5:12–6:47 PM |
| पिंपरी-चिंचवड़ | 12:11–1:02 PM | 5:26–7:01 PM |
| पटना | 11:29 AM–12:19 PM | 4:42–6:17 PM |
| वडोदरा | 12:15–1:06 PM | 5:27–7:02 PM |
| गाजियाबाद | 11:57 AM–12:48 PM | 5:11–6:48 PM |
| लुधियाना | 12:04–12:56 PM | 5:17–6:54 PM |
| आगरा | 11:56 AM–12:47 PM | 5:09–6:45 PM |
| नासिक | 12:12–1:03 PM | 5:23–6:58 PM |
| फरीदाबाद | 11:58 AM–12:49 PM | 5:12–6:48 PM |
| मेरठ | 11:56 AM–12:48 PM | 5:10–6:47 PM |
| राजकोट | 12:24–1:15 PM | 5:38–7:13 PM |
| वाराणसी | 11:38 AM–12:29 PM | 4:50–6:26 PM |
| श्रीनगर | 12:08–1:00 PM | 5:16–6:53 PM |
| छत्रपति संभाजीनगर | 12:08–12:58 PM | 5:18–6:53 PM |
| धनबाद | 11:22 AM–12:12 PM | 4:34–6:10 PM |
| अमृतसर | 12:08–1:00 PM | 5:20–6:57 PM |
| नवी मुंबई | 12:14–1:05 PM | 5:28–7:03 PM |
| प्रयागराज | 11:42 AM–12:33 PM | 4:54–6:30 PM |
| रांची | 11:25 AM–12:16 PM | 4:38–6:14 PM |
| हावड़ा | 11:15 AM–12:05 PM | 4:31–6:07 PM |
| कोयंबटूर | 12:01–12:51 PM | 5:15–6:49 PM |
| जबलपुर | 11:53 AM–12:44 PM | 5:04–6:39 PM |
| ग्वालियर | 11:56 AM–12:48 PM | 5:09–6:45 PM |
| विजयवाड़ा | 11:46 AM–12:37 PM | 4:59–6:33 PM |
| जोधपुर | 12:15–1:06 PM | 5:29–7:05 PM |
| मदुरै | 11:56 AM–12:46 PM | 5:13–6:47 PM |
| रायपुर | 11:43 AM–12:34 PM | 4:57–6:31 PM |
| कोटा | 12:07–12:58 PM | 5:20–6:56 PM |
| गुवाहाटी | 10:53–11:44 AM | 4:06–5:43 PM |
| चंडीगढ़ | 12:01–12:52 PM | 5:13–6:50 PM |
| सोलापुर | 12:05–12:55 PM | 5:19–6:53 PM |
| हुबली-धारवाड़ | 12:06–12:57 PM | 5:18–6:52 PM |
| बरेली | 11:51 AM–12:43 PM | 5:05–6:41 PM |
| देहरादून | 11:56 AM–12:48 PM | 5:09–6:46 PM |
राहुकाल का क्या महत्व है
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल को नए कार्यों के लिए अनुकूल समय नहीं माना जाता। इस दौरान शुरू किए गए नए काम में बाधा आने की आशंका मानी जाती है। इसलिए शुभ कार्य शुरू करने वाले लोग इस अवधि को टालने की कोशिश करते हैं।
हालांकि पहले से चल रहे काम को केवल राहुकाल की वजह से रोकना जरूरी नहीं माना जाता। राहुकाल से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं।
23 अगस्त को क्या करना शुभ माना जाता है
23 अगस्त को भगवान विष्णु की आराधना और एकादशी व्रत का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु भगवान विष्णु का पूजन कर सकते हैं और अपनी परंपरा के अनुसार व्रत रख सकते हैं।
रविवार होने के कारण सूर्य देव की पूजा भी की जा सकती है। तांबे के पात्र में जल लेकर सूर्य को अर्घ्य देना, प्रार्थना करना और धार्मिक पाठ करना शुभ माना जाता है।
पवित्रा एकादशी का क्या है महत्व
शुक्ल पक्ष की एकादशी को धार्मिक दृष्टि से भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। पवित्रा एकादशी को लेकर मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और विष्णु पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
वहीं रविवार का दिन सूर्य उपासना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए 23 अगस्त को भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ, दान और सेवा जैसे कार्य किए जा सकते हैं।
सूर्य देव को अर्घ्य देने की विधि
सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर तांबे के पात्र में जल लें। इसमें अपनी श्रद्धा के अनुसार लाल पुष्प डालकर सूर्य देव की ओर मुख करके अर्घ्य अर्पित करें। इसके बाद सूर्य देव का ध्यान करते हुए प्रार्थना करें।
भगवान विष्णु की आराधना करने वाले श्रद्धालु विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे आरोग्य, सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
शुभ मुहूर्त में काम करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
शुभ मुहूर्त को लेकर अलग-अलग पंचांगों और परंपराओं में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन या किसी बड़े संस्कार के लिए स्थानीय पंचांग और स्थान विशेष के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करना बेहतर रहता है।
23 अगस्त के दिए गए समय सामान्य दैनिक कार्यों के लिए उपयोगी हैं। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं को आस्था के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।




