संवाददाता:- खिलेश वर्मा
Kotwar Strike Khairagarh : खैरागढ़ जिले में कोटवार नियुक्ति और ड्यूटी व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की जिला इकाई ने नियुक्ति नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संगठन का आरोप है कि कोटवार परिवार के वंशजों की जगह गैर-वंशजों को नियुक्तियां दी जा रही हैं, जिससे जिले के कोटवारों में नाराजगी बढ़ गई है।

Kotwar Strike Khairagarh: वंशानुगत नियुक्ति व्यवस्था की अनदेखी का आरोप
कोटवार एसोसिएशन का कहना है कि कई मामलों में कोटवार पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। संगठन के अनुसार, कहीं अस्थायी तो कहीं स्थायी नियुक्तियां देकर कोटवार पद की वंशानुगत नियुक्ति व्यवस्था को दरकिनार किया जा रहा है।
संघ ने आरोप लगाया कि कोटवार परिवारों के पात्र वंशजों को नियुक्ति में प्राथमिकता नहीं मिल रही है। इसे लेकर प्रभावित कोटवार परिवारों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है, जो अब आंदोलन के रूप में सामने आया है।
Kotwar Strike Khairagarh : 1959 की धारा 230 का दिया हवाला
कोटवार संघ के जिलाध्यक्ष बिरेश कुमार मेघ्राम ने वर्ष 1959 की धारा 230 का हवाला देते हुए कहा कि नियमानुसार कोटवार पद पर नियुक्ति संबंधित कोटवार परिवार के वंशज को मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि इस प्रावधान की अनदेखी कर कुछ स्थानों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उन्होंने छुईखदान तहसील के दल्लीरजौली क्षेत्र के एक मामले का उल्लेख करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। संघ ने संबंधित नियुक्तियों की जांच कराने और नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने की मांग की है।
Kotwar Strike Khairagarh: ड्यूटी लगाए जाने को लेकर भी नाराजगी
कोटवार संघ ने नियुक्ति के साथ-साथ ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। संगठन का आरोप है कि शासन के निर्देशों के बावजूद कई स्थानों पर कोटवारों की ड्यूटी लगाई जा रही है। संघ का कहना है कि इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए और शासन के निर्देशों का सभी स्तरों पर पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
कोटवारों का कहना है कि उनकी समस्याओं और मांगों पर लंबे समय से उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
Kotwar Strike Khairagarh: 25 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय तक रैली
आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए कोटवार एसोसिएशन ने 25 अगस्त को कोटवार तहसील के धरना स्थल से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालने का निर्णय लिया है। रैली के बाद संगठन मुख्यमंत्री और प्रशासन के नाम अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो आंदोलन जारी रखा जाएगा। अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण अब यह मामला प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है।
Kotwar Strike Khairagarh: जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजर
कोटवार संघ द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए जाने के बाद अब प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर है। संगठन ने नियुक्तियों की जांच कराने, नियमों के अनुसार कार्रवाई करने और कोटवारों की ड्यूटी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि खैरागढ़ प्रशासन कोटवार संघ के आरोपों की किस तरह जांच करता है और आंदोलन समाप्त कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। 25 अगस्त को प्रस्तावित रैली और ज्ञापन कार्यक्रम के बाद इस आंदोलन को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।


