अमेरिका में हाल ही में राष्ट्रपति ने शपथ ले ली है। डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति के पद पर शपथ ली है। ट्रंप के शपथ लेते ही पेरिस जलवायु समझौते का मुद्दा चर्चा में है। व्हाइट हाउस के मुताबिक अब अमेरिका दूसरी बार जलवायु परिवर्तन से लड़ने के वैश्विक प्रयासों से बाहर हो जाएगा। वहीं ट्रंप के मुताबिक पेरिस समझौता एक दोखा है।
ट्रंप ने समझौते को धोखा कहा
जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचने के लिए वैश्विक तापमान को पूर्व.औद्योगिक स्तर से 1ण्5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिए दुनिया के देशों ने यह समझौता किया है। ट्रंप ने इस समझौते को धोखा करार दिया है। ट्रंप राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ताबड़तोड़ फैसले लेने वाले हैं। ट्रंप के सहयोगियों ने बताया कि अमेरिका की आव्रजन नीतियों में बदलाव लानेए जन्मसिद्ध नागरिकता को समाप्त करने के उद्देश्य से शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ट्रंप कई आदेश जारी करने जा रहे हैं।





