प्रमोद श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता
Parliament Protest Makar Dwar : नई दिल्ली, देश की राजनीति में नीट पेपर लीक मामला ठंडा पड़ने के साथ ही विपक्ष एक बार फिर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को हवा देने में लग गया है। चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का सियासी हमला अब और तेज हो गया है। संसद से सड़क तक इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जाते रहे हैं। आज भी संसद परिसर में विपक्ष ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे पूरी तरह राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
दरअसल बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव केसरिया कपड़े पहनकर और सिर पर पगड़ी बांधकर एक ‘पुजारी’ के रूप में मकर द्वार की सीढ़ियों पर दानपेटी लेकर बैठे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने सामान्य भक्तों की तरह आकर उस दानपेटी में प्रतीकात्मक रूप से चंदा के पैसे डाले। जैसे ही सांसदों ने पैसे डाले, पुजारी बने पप्पू यादव ने उन पैसों को दानपेटी में रखने के बजाय चुपके से अपनी जेब में डाल लिया।
इस दौरान अयोध्या से सपा के सांसद अवधेश प्रसाद ने उन्हें पकड़ने का अभिनय किया। और आखिर में ‘पुजारी’ वहां से दानपेटी लेकर भाग खड़ा हुआ, जिसके जरिए विपक्ष ने कथित चंदा चोरी को दर्शाया। अब राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दे पर जांच और कार्रवाई का दौर भले ही जारी हो, लेकिन संसद में सियासी ड्रामा भी देखने को मिला।
जाहिर है अगले साल उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव भी हैं, ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे को जिंदा रखना चाहता है, लेकिन सरकार और साधु संतों ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के सियासी ड्रामे को सनातन का अपमान बताकर भुनाने की कोशिश की है। लेकन जिस तरह से चढ़ावा चोरी का ये मुद्दा तूल पकड़े हुए हैं, कहा जा सकता है कि ‘राम का नाम’ ये सियासी संग्राम फिलहाल तो थमने वाला नहीं है, देखना ये होगा कि आगे ये मुद्दा और क्या क्या रंग दिखाता है। इसी विषय पर हम चर्चा करेंगे लेकिन पहले देख लेते हैं.
Parliament Protest Makar Dwar : संसद में गूंजा राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा, सनातन पर हंगामा जारी, पप्पू यादव बने पुजारी
संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष का ड्रामा… ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे… निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के केसरिया कपड़े और पगड़ी… राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसद दानपेटी में प्रतीकात्मक रूप से डालते चढ़ावा और उस चढ़ावे को जेब में डालते पुजारी बने सांसद पप्पू यादव… जी हां आज से तस्वीर संसद के मकर द्वार पर सवेरे उस वक्त की हैं जब संसद का आज का सत्र शुरू होने वाला था। उससे पहले मकर द्वार पर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष की गहमागहमी देखी गई।

Parliament Protest Makar Dwar : चढ़ावा चोरी पर संसद में विपक्ष की सियासी नौटंकी, सपा-कांग्रेस पर लगा सनातन के अपमान का आरोप
लोकसभा परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ को लेकर अलग अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। दरअसल अयोध्या के राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष ने अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। मानसून सत्र के दौरान हुए इस प्रदर्शन में विपक्ष के सांसदों ने ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाकर सरकार को घेरा।बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव केसरिया कपड़े पहनकर और सिर पर पगड़ी बांधकर एक ‘पुजारी’ के रूप में मकर द्वार की सीढ़ियों पर दानपेटी लेकर बैठ गए।
Parliament Protest Makar Dwar : ‘राम का नाम’ थमने वाला नहीं सियासी संग्राम
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने सामान्य भक्तों की तरह आकर उस दानपेटी में प्रतीकात्मक रूप से चंदा के पैसे डाले। जैसे ही सांसदों ने पैसे डाले, पुजारी बने पप्पू यादव ने उन पैसों को दानपेटी में रखने के बजाय चुपके से अपनी जेब में डाल लिया। इस दौरान अयोध्या से सपा के सांसद अवधेश प्रसाद ने उन्हें पकड़ने का अभिनय किया। अंत में ‘पुजारी’ वहां से दानपेटी लेकर भाग खड़ा हुआ, जिसके जरिए विपक्ष ने कथित चंदा चोरी को दर्शाया।
पप्पू यादव ने कहा कि इन्होंने राम भगवान के साथ नहीं, भगवा के साथ गद्दारी की है, विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में सरकार जवाब दे।
ट्रस्ट के खातों और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि सभी राम भक्तों को सच्चाई का पता चल सके तो वहीं विपक्ष के इस कृत्य को सरकार पक्ष के नेताओं ने दुग्भाग्य पूर्ण और सनातन विरोधी बताया। कहा कि कांग्रेस हो या सपा जो वोट के खातिर सनातन को बदनाम कर रहे हैं, उनका बदला सनातनी लेगा। सरकार के मंत्रियों ने कहा कि ये संसद है कोई नोटंकी करने की जगह नहीं, विपक्ष को गंभीरता दिखानी चाहिए।
उधर संसद में इस तरह के हुए मुद्दे पर संत समाज भी नाराजगी है। संत समाज का कहना है कि लोकतंत्र के मंदिर में इस तरह के कृत्य नहीं होना चाहिए। ये सब सनातन को बदनाम और अपमान करने की सियासत है।
सांसद पप्पू यादव के भगवा वेशभूषा में सदन के भीतर आने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के नाटक और वेशभूषा से संसद की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है। साफ है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का विवाद केवल कानूनी या जांच का विषय नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। जिस तरह विपक्ष इसे लगातार उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है और सत्ता पक्ष भी आक्रामक जवाब दे रहा है, उससे स्पष्ट हैं कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी संसद और देश की राजनीति में गर्माहट बनाए रख सकता है।



