BY
Yoganand Shrivastava
Fort Cannon Theft नरवर गढ़ किले से चोरी हुई लगभग 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक तोप के मामले में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस जांच के दौरान इस मामले के तार राजस्थान के करौली जिले से जुड़ते दिखाई दिए हैं। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हिण्डौन क्षेत्र से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। साथ ही एक पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
Fort Cannon Theft संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी, जेसीबी से की जा रही खुदाई
Fort Cannon Theft 3.5 जानकारी के अनुसार, संयुक्त पुलिस टीम ने करौली जिले के गांवड़ा मीणा क्षेत्र में कई स्थानों को जांच के दायरे में लिया है। संदिग्ध ठिकानों पर जेसीबी मशीनों की मदद से खुदाई कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर चोरी की गई तोप के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
Fort Cannon Theft 3.5 टन वजनी तोप की तलाश जारी, कई पहलुओं पर जांच
बताया जाता है कि 15 जुलाई की रात नरवर किले के कचहरी महल से करीब 3.5 टन वजनी ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई थी। घटना की शिकायत 17 जुलाई को दर्ज कराई गई थी। तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिसके बाद जांच राजस्थान तक पहुंची। यह तोप ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और उस पर पुराने राजचिह्न व दुर्लभ अभिलेख अंकित बताए जाते हैं। पुलिस इस मामले में संगठित गिरोह, प्राचीन धरोहरों की तस्करी और अन्य संभावित एंगल्स को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
फिलहाल तोप की बरामदगी और मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।



