प्रमोद श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता
Bhojshala Namaz Place : मध्यप्रदेश धार स्थित भोजशाला मामले में अब नमाज की जगह को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को धार स्थित भोजशाला परिसर के पास ही शुक्रवार की नमाज के लिए उचित स्थान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली जगह अंतरिम आदेश की भावना और अक्षरशः अनुरूप होनी चाहिए। दरअसल मुस्लिम पक्ष ने शिकायत की थी कि नमाज़ के लिए बताई गई जगह काफी दूर है।
Bhojshala Namaz Place : सुप्रीम कोर्ट का फरमान, भोजशाला के पास हो नमाज का स्थान
कोर्ट ने राज्य सरकार को बेहतर जगह उपलब्ध करवाने के लिए कहते हुए शुक्रवार को सुनवाई की बात कही। इससे पहले मुस्लिम पक्ष ने अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया है कि कोर्ट ने भोजशाला के नजदीक ही शुक्रवार की नमाज के लिए कोई खुली जगह देने का आदेश दिया था लेकिन प्रशासन ने नमाज के लिए दो किलोमीटर दूर जगह दी है। इस अर्जी पर बुधवार को शीघ्र सुनवाई की मांग की गई जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने मामले पर शुक्रवार, 24 जुलाई को सुनवाई की सहमति दे दी।
Bhojshala Namaz Place : मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर शुक्रवार को फिर सुनवाई
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी पेश हुए। उन्होंने कहा, प्रशासन की तरफ से नमाज़ के लिए दी गई जगह भोजशाला परिसर से लगभग 2 किलोमीटर दूर है। इसके चलते श्रद्धालु शुक्रवार की नमाज़ अदा नहीं कर पा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अहमदी के दावे का खंडन किया। उन्होंने कहा कि नई जगह की दूरी लगभग 900 मीटर है।

Bhojshala Namaz Place : भोजशाला के बिलकुल पास दें नमाज की जगह- SC
मेहता ने कहा कि प्रशासन परिसर के और नज़दीक की जगह उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रहा है। उम्मीद है कि नई जगह की पहचान जल्द कर ली जाएगी। कोर्ट और याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार के इस आश्वासन पर संतोष जताया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला मामले में भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर घोषित करने के हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था लेकिन इसके साथ ही पास में ही मुसलमानों को शुक्रवार की नमाज के लिए कोई खुली जगह देने का आदेश दिया था।

Bhojshala Namaz Place : भोजशाला- नमाज स्थान का विवाद
• मुस्लिम पक्ष ने अदालत में की थी शिकायत
• नमाज का स्थान भोजशाला से 2 किलोमीटर दूर
• प्रशासन ने नमाज के लिए दी है वैकल्पिक जगह
• (चालीस पीर दरगाह के पास) किया है नमाज के लिये स्थान तय
• वह विवादित स्थल से लगभग 2 किलोमीटर दूर
Bhojshala Namaz Place : मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर शुक्रवार को फिर सुनवाई
• नमाज के लिए जमीन भोजशाला के पास दी जाएगी जगह – अहमदी
• अब शीर्ष अदालत ने कहा- भोजशाला परिसर के नजदीक हो स्थान
• प्रशासन ने नमाज के लिए जो जमीन दी, वो दो किलोमीटर दूर
• सरकारों का पक्ष- वैकल्पिक दूरी करीब 900 मीटर है
• कोर्ट को भरोसा दिलाते हैं कि खुद मामले को देखेंगे और सुलझाएंगे।
• प्रशासन और अधिक पास उपयुक्त स्थान तलाशने पर कर रहा विचार
• अदालत की सख्त टिप्पणी- आदेश का पूर्ण और सही भावना से पालन करें
• एमपी हाई कोर्ट ने धार स्थिति भोजशाला को किया है मंदिर घोषित
• भोजशाला और वाग्देवी (सरस्वती देवी) का मंदिर किया है घोषित
• मुसलमान उसे कमाल मौला मस्जिद मानते हैं
• HC के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है अपील
• पिछली सुनवाई पर हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से किया था इनकार
• एएसआइ सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बगैर इमारत में कोई ढांचागत बदलाव नहीं करेगी
• भोजशाला के पास ही मुसलमानों को जुमे की नमाज के खुली जगह देने का दिया है आदेश
• अब मुस्लिम पक्ष नमाज के लिए जमीन दूर दिए जाने की शिकायत लेकर पहुंचा है सुप्रीम कोर्ट





